मानव तस्करी के साथ अवैध गर्भपात पर ज्यादा रहता था जोर, प्रसव कराने का पांच साल का डाटा खंगाल रही एसआइटी

मानव तस्करी के साथ अवैध गर्भपात पर ज्यादा रहता था जोर, प्रसव कराने का पांच साल का डाटा खंगाल रही एसआइटी

भोपाल बच्चा चोरी कर बेचने के मामले में विशेष जांच दल पुलिस रिमांड पर लेने के बाद अर्चना सेनी और सीमा शक्ति देवी से लगातार पूछताछ कर रही है। इसमें सामने आया है कि यह गिरोह बच्चों की तस्करी से जयादा अवैध रूप से गर्भपात करने में जोर देते थे, इसमें ज्यादा खतरा भी नहीं था और रुपये भी मुंह मांगे मिला करते थे।इसी सिलसिले में एक हरियाणा के डाक्टर को बुलाकर उनको शाम के विशेष परामर्श कराया जाता था।उस डाक्टर पर एसआइटी ने शिकंजा कसने साक्ष्य जमा करने में लगी है। अगर अवैध रूप से गर्भपात कराने में पकड़े भी गए तो वह अपने एनजीओ के कारण बच जाया करती थी। डीसीपी रियाज इकबाल ने बताया कि अर्चना सैनी, उसकी नाबालिग बेटी, बेटा सूरज सैनी , उसकी कथित महिला मित्र मुस्कान बानों और निशांत स्वामी के करीब 12 बैंक खातों की जानकारी निकालने में समय लग रहा है। उनके बैंक खाते हरियाणा , दिल्ली और मुंबई तक में है।

अर्चना और निशांत उठा रहे थे घर के खर्च

अर्चना सैनी और निशांत स्वामी अपने घर के खर्च उठा रहे थे। अर्चना सैनी को इंवेंट में काम करने के दौरान रुपये मिलते थे, उसके अलावा पासपोर्ट और बीजा के काम के दौरान निशांत को रुपये मिलते थे। उनसे घर के खर्च चल रहा था। उनके पास लाखों रुपये महीना आ रहा था। बीयर ,पब में जाया करते थे।

निशात को छोड़ने की तैयारी थी

पुलिस पूछताछ में सबसे ज्यादा अहम जानकारी अर्चना सैनी की नाबालिग बेटी से अहम जानकारी मिली है। उसने अपनी मां का एक एक राज पुलिस को बताया है। निशांत का अर्चना छोड़ने की तेयारी कर रही थी। निशांत अब उनको खर्चा उठाने की इनकार कर चुका था। उसे अर्चना दबाव बनाकर रखती थी, उसे एफआइआर कराने का डर दे रखा था।

डाक्टर को गिरफ्तारी करेंगे

डीसीपी रियाज इकबाल ने बताया कि होडल के पलवल क्षेत्र के गांव बनेचारी निवासी डा. अशोक कुमार जेवर बार्डर पर हामिदपुर के पास अस्पताल चलाते हैं, वह 12 वीं पास है और डाक्टर बनकर बैठे है। वह चिकित्सा उपकरण के साथ अन्य सामान बेचते हैं। उनके स्वजनों को पूछताछ के लिए बुलवाया था, उन्होंने मानव तस्करी के उसका हाथ होने से इनकार किया,लेकिन सीमा से संपर्क होने की बात कबूल की है। दोनों के अस्पताल में करीब 50 किमी दूर है। डा अशोक कुमार को आरोपित बनाने के लिए दस्तावेज चेक कराए जा रहे हैं।




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