इंदौर । राजमाता सिंधिया के साथ मुझे भी जनसंघ में शामिल करने के प्रयास हुए थे। कुशाभाऊ ठाकरे और कैलाश सारंग ने दो-तीन बैठकें भी की थीं, लेकिन मैं जनसंघ में शामिल नहीं हुआ। लोग यह भ्रांति भी फैलाते हैं कि मेरे पिता जनसंघी थे, जबकि यह बिल्कुल गलत है। मेरे पिता ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जनसंघ और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशियों को हराया था।
इसका मतलब यह बिलकुल नहीं कि वे जनसंघी थे। मणिपुर में जो कुछ हो रहा है, वह देश के लिए घातक है। ऐसा सब जगह हो सकता है। मेरा तो कहना है कि पार्टी बदलने वाले को अगले चुनाव यानी कम से कम छह वर्ष के लिए किसी भी चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर देना चाहिए।
यह बात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कही। वे रविवार को आल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस (एआइपीसी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर वक्ता बोल रहे थे। एआइपीसी के प्रदेशाध्यक्ष अजय बागडिया और संयोजक अमित उपाध्याय हैं। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी की वजह से प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ी है।
पौधा कोई लगाता है, फल कोई और खाता है
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो योजनाएं कांग्रेस के समय में बनी, जिन पर कांग्रेस के समय में काम हुआ, उनका उद्घाटन भाजपा सरकार कर रही है। यह पुरानी कहावत है कि पौधा कोई और लगाता है और फल कोई और खाता है। हमने जो बिजली प्लांट लगाए थे, उनका उत्पादन शुरू होने के बाद ही प्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हुआ है।
गुरु दक्षिणा दो फिर बताऊंगा
एआइपीसी के प्रदेशाध्यक्ष बागडिया ने जब दिग्विजय सिंह से पूछा कि 75 वर्ष की उम्र में भी वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ कैसे हैं तो सिंह ने कहा कि जब भी कोई यह सवाल पूछता है तो मैं कहता हूं कि पहले सवा रुपये गुरु दक्षिणा दो। इसके बाद ही बताऊंगा। किसी के पास 25 पैसे खुले होते नहीं और मैं बताता नहीं।
यात्राओं से हमेशा फायदा मिला
सिंह ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा हो या महात्मा गांधी की भारत दर्शन यात्रा, यात्राओं से हमेशा लाभ मिला है। आदि शंकराचार्य ने आठ वर्ष की उम्र में यात्रा की थी। वर्ष 2017 में सिंह ने भी पैदल नर्मदा परिक्रमा की थी। सिंह ने कहा कि यात्राओं को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। राहुल गांधी को लेकर पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे भारत जोड़ो यात्रा के पहले और बाद के राहुल गांधी में कोई अंतर नजर नहीं आता। वे बहुत संवेदनशील और समझदार हैं।
हर व्यक्ति पर 41 हजार का कर्ज
सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रति सप्ताह करोड़ों रुपये कर्ज ले रही है। वर्ष 2003 के मुकाबले वर्तमान में कर्ज कई गुना बढ़ गया है। प्रदेश में औसतन हर व्यक्ति पर 41 हजार रुपये कर्ज है।











