गौरतलब है कि बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को निर्धारित समयावधि पर बिजली बिल के भुगतान के लिए बिल वितरण की व्यवस्था कराई जाती है। उसके बाद बिजली बिल के देयकों के भुगतान में विलंब होने पर बार-बार ध्यान आकृष्ट कराये जाने के बाद भी बिल नहीं पटाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन को काटने की कार्यवाही की जा रही है। इस कार्यवाही के दरमियान विद्यमान सर्विस कनेक्शनों में बायपास एवं हुकिंग कर बिजली चोरी के प्रकरण पाये जाने पर उनके विरूद्ध भी कार्यवाही की जा रही है।
खैरागढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि खैरागढ-छुईखदान-गंडई जिले में उपसंभाग स्तर पर सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारियों की गठित टीमों द्वारा कार्यवाही करते हुए 38638 उपभोक्ताओं पर 66 लाख 98 हजार रूपए के बकाया राशि के भुगतान नहीं किये जाने पर उनके विद्युत कनेक्शन काट दिए गये हैं तथा 11533 बकायादार उपभोक्ताओं से 02 करोड़ 10 लाख रूपए की बकाया राशि का भुगतान भी प्राप्त किया गया। ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगें।
उन्होंने बताया कि शासकीय विभागों के लंबित बकाया राशि भुगतान के लिए विभाग प्रमुखों को नोटिस दिया गया है, जिस पर शासकीय विभागों द्वारा बकाया राशि भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। इस अभियान के दौरान उपभोक्ताओं को लाइन विच्छेदन से बचने के लिए समय पर बिजली बिल की राशि का भुगतान मोर बिजली ऐप के माध्यम से करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदत्त 400 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है। राजस्व वसूली के लिए तैनात अधिकारियों द्वारा केंद्र शासन द्वारा संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 300 यूनिट तक फ्री बिजली एवं शासन द्वारा प्रदत्त सब्सिडी बारें में जानकारी भी दी जा रही है। उन्होने बकायादार उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि विद्युत देयकों का भुगतान नियमित रूप से करें ताकि विच्छेदन की कार्यवाही से होने वाली असुविधा से बचा जा सके। बिजली बिल का नियमित भुगतान नहीं करने पर उपभोक्ताओं को राज्य सरकार की बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ भी नही मिल पायेगा। क्योंकि बिजली का नियमित भुगतान नहीं होने से वे स्वतः अपात्र हो जायेंगें।











