राशि चुकाने के बाद भी प्लाट मिला नहीं, 20 वर्ष से रजिस्ट्री लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे लोग

राशि चुकाने के बाद भी प्लाट मिला नहीं, 20 वर्ष से रजिस्ट्री लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे लोग
भोपाल । जिले में गृह निर्माण समितियों की गड़बड़ी से परेशान लोगों ने मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर आशीष सिंह से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा बिल्डरों से परेशान लोगों ने भी शिकायतें दर्ज कराई हैं। जनसुनवाई में 130 आवेदकों ने विभिन्न शिकायतें दर्ज कराई हैं। इनमें से अधिकांश को स्वयं कलेक्टर ने सुना और निराकृत करने के निर्देश दिए हैं।

साकेत नगर निवासी रोशन सिंह नेगी ने बताया कि पेरिस गृह निर्माण सहकारी संस्था में उसने 10 नवंबर 1995 को सदस्यता ली थी। समिति ने उन्हें एक प्लाट दिया था, जिसकी 14 जून 2000 को रजिस्ट्री की गई थी। इसके 23 साल बाद भी उन्हें न तो प्लाट मिला है और न ही दिखाया गया है। 21 जनवरी 2020 को कलेक्टर जनसुनवाई में संस्था द्वारा विकसित कालोनी में प्लाट आवंटित किया गया। अब अध्यक्ष द्वारा कहा गया है कि कलेक्टर कार्यालय से पत्र प्राप्त होने पर ही रजिस्ट्री कराई जाएगी, लेकिन दो साल बाद भी संस्था द्वारा रजिस्ट्री नहीं कराई गई है।

रोहित गृह निर्माण समिति में सदस्य को नहीं मिला प्लाट

एक आवेदक ने बताया कि रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति में उसने सदस्यता लेने के साथ ही भूखंड लिया था। इसका उन्होंने मूल्य भी चुका दिया था, इसके बाद भी अब तक प्लाट का पंजीयन नहीं कराया गया है। वहीं रोहित गृह निर्माण सहकारी संस्था के द्वारा कलेक्टर से शिकायत की गई है कि वर्ष 2008 के बाद से चुनाव नहीं हुए हैं। वर्ष 2015 में प्रशासक नियुक्त होने के बाद से संस्था की जमीन पर अवैध कब्जे व अतिक्रमण किए जा रह हैं। ऐसे में प्रशासक भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में समिति के चुनाव कराए जाएं।

दिव्यांग बच्ची की पढ़ाई के लिए दिए 25 हजार रुपये

कलेक्टर आशीष सिंह को ब्रजेश अग्रवाल ने बताया कि उनकी आठ वर्षीय बेटी बोल नहीं पाती है। उसका उपचार भी कराया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब उसे आशा निकेतन स्कूल में पढ़ा रहा हूं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से फीस नहीं दे पा रहा हूं। कलेक्टर ने उनकी बेटी की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद की है। इसके अलावा अन्य प्रकरणों में एक लाख 19 हजार रुपये की आर्थिक मदद की है।

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