भोपाल । जिला मलेरिया विभाग और नगर निगम की सभी प्रयासों के बाद भी राजधानी में डेंगू का खतरा कम नहीं हो रहा। 11 नवंबर को 7 नए मरीज सामने आए। इसके साथ ही मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 716 पहुंच गया है। दो साल बाद यह पहला मौका है, जब डेंगू के मरीजों की संख्या 700 के पार हुई हो। इसके पूर्व 2021 में 735 मरीज मिले थे। विशेषज्ञों ने बताया कि ठंड जब तक नहीं बढ़ती, तब तक डेंगू का खतरा बना रहेगा। ऐसे में अब विशेषज्ञों को डेंगू को कम करने के लिए ठंड पर भरोसा है। अभी तक दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड पड़ रही थी। यह मच्छरों को तेजी से पनपने के लिए अनुकूल होता है। लेकिन 12 नवंबर की रात से से थोड़ा बदलाव हुआ है। जिसके बाद रात में ठंड थोड़ी तेज हुई है।
बीते साल से 205 केस अधिक
इस साल 2022 के मुकाबले राजधानी में डेंगू के 205 अधिक केस सामने आ चुके हैं। मलेरिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में 1 नवंबर तक 414 डेंगू के मामले सामने आए थे। वहीं 2023 में अब तक यह संख्या 619 पहुंच गई है। वहीं 2021 में एक नवंबर तक 598 डेंगू के मामले सामने आए थे।
चार साल में डेंगू के केस
2020 में 74
2021 में 735
2022 में 675
2023 ( अब तक)
डेंगू केस- 716
इनका कहना है
सर्दियां बढ़ने के साथ ही डेंगू का खतरा कम होने लगता है। वर्तमान में दिन में थोड़ी ठंड बढ़ी है। जो आगे भी बढ़ेगी, ऐसे मौसम में लार्वा आसानी से नहीं पनपेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में मच्छर के साथ डेंगू पर भी नियंत्रण होगा।
- अखिलेश दुबे, जिला मलेरिया अधिकारी भोपाल











