जानकारी के अनुसार निगमायुक्त ने निगम वाहनों को कार्य की उपयोगिता एवं परिचालन के आधार पर ही डीजल प्रदाय करने और निरंतर निगरानी कर खपत कम करने के लिए कहा है। उन्होंने मैनिट संस्था से निगम वाहनों का एवरेज निर्धारित कराने के लिए कहा और सीएनजी पंप का भी निरीक्षण किया। यहां निगम वाहनों और अन्य वाहनों को प्रदाय की जा रही सीएनजी की जानकारी प्राप्त की। डीजल टैंक परिसर के निरीक्षण के दौरान एचएफए के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी नवल गौरे द्वारा दो कक्षों में अवैध रूप से कब्जा कर और गतिविधियों को संचालित करने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही कर्मचारी को स्थल पर तलब किया। यहां कर्मचारी नवल गौरे का वेतन रोकने और सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के अधीक्षण यंत्री एचएफए को निर्देश दिए हैं।
निगमायुक्त ने देखी डीजल प्रदाय व्यवस्था
निगमायुक्त हरेंद्र नारायण ने निगम वाहनों में डीजल प्रदाय के लिए प्रभावशील किए गए क्यूआर कोड फ्यूल ट्रैकिंग सिस्टम के संबंध में जानकारी प्राप्त की और क्यूआरकोड के माध्यम से प्रदाय किए गए डीजल की प्रक्रिया को भी देखा।उन्होंने डीजल टैंक पर खड़े फायर फाइटर में अपने समक्ष डीजल भरवाकर और मशीन से पर्ची निकलवाकर डीजल प्रदाय की प्रक्रिया देखी। वाहनों को प्रदाय किए जा रहे डीजल का पंजी में संधारित रिकार्ड तथा कंप्यूटर में संधारित किए जा रहे रिकार्ड का भी अवलोकन किया।











