यह बातें गुरूघासीदास सेवा समिति, सेक्टर-6 भिलाई द्वारा आयोजित गुरुघासीदास जयंती पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद विजय बघेल ने कही। उन्होंने समाज के लोगों को सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री बघेल ने कहा कि बाबा गुरूघासी दास ने सत्य ही ईश्वर है, ईश्वर ही सत्य है का संदेश जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। इस मौके पर विशेष रूप से विधायक अहिवारा डोमन कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधायक सांवलाराम डाहरे उपस्थित थे। समिति के कोषाध्यक्ष गया प्रसाद भास्कर ने कहा कि गुरु घासीदास की जयंती पर हर साल सतनाम भवन में विशाल भण्डारा गुरू प्रसाद का आयोजन किया जाता है, जहां हजारों लोग बाबा जी की दर्शन के लिए आते हैं और भण्डारा का प्रसाद ग्रहण करते हैं। समिति के अध्यक्ष आरडी देशलहरा, उपाध्यक्ष मंजू कुर्रे, महासचिव शांतिलाल मिर्च, कोषाध्यक्ष गया प्रसाद भास्कर, सहसचिव रमेश चंदवानी, राम कुमार मारकण्डे, रेशम लाल घृतलहरे, कार्यकारिणी सदस्य गरीब दास बंजारे, रूपेश बारले, प्रदीप कौशिक, अशोक कुमार सूर्यवंशी, सतीश डहरे, राजन कुमार खुटेल, हेमप्रकाश अनंत, टेक राम बंजारे, लोकेश भारती, नोहर सिह कुरें, दीपेन्द्र बघेल, दिवाकर गायकवाड, सुरेन्द्र बाघमारे, डॉ. एडी बेनर्जी उपस्थित थे। इसके पहले मंगलवार को सतनाम संदेश व शोभायात्रा भी निकाली गई। वहीं सुबह पवित्र गुरूगद्दी, आसन, तैलचित्र की पूजा-अर्चना की गई। दोपहर 2 बजे जैतखाम की पूजा अर्चना करने के बाद ध्वजारोहण किया गया, फिर सामूहिक आरती सतनाम भजन व पंथी नृत्य प्रस्तुत किया। शाम 5 बजे सतनाम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। वहीं रात्रि 7 बजे यशवंत सतनामी की सतनाम मय भजन की प्रस्तुति हुई। संदेश व शोभायात्रा भी निकाली गई। वहीं सुबह पवित्र गुरूगद्दी, आसन, तैलचित्र की पूजा-अर्चना की गई। दोपहर 2 बजे जैतखाम की पूजा अर्चना करने के बाद ध्वजारोहण किया गया, फिर सामूहिक आरती सतनाम भजन व पंथी नृत्य प्रस्तुत किया। शाम 5 बजे सतनाम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। वहीं रात्रि 7 बजे यशवंत सतनामी की सतनाम मय भजन की प्रस्तुति हुई।
गुरु घासीदास के जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय : सांसद विजय बघेल
दुर्ग , वाशु भरद्वाज । गुरु घासीदास के जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय है। बाबा गुरु घासीदास ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को मनखे-मनखे एक समान का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबाजी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुर्नस्थापना की।











