दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में बनी गुना की हवाई पट्टी वन भूमि में निकली

दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में बनी गुना की हवाई पट्टी वन भूमि में निकली

भोपाल। तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में बनी गुना हवाई पट्टी की भूमि वन क्षेत्र में पाई गई है। 25 साल बाद इसका पर्दाफाश हुआ है। वन भूमि की जानकारी लगने के बाद अब वन विभाग ने विमानन विभाग को पत्र लिखा है। दरअसल, वन भूमि पर केंद्र सरकार की अनुमति के बिना निर्माण नहीं किया जा सकता है। नियमानुसार, वन संरक्षण अधिनियम के तहत इसके लिए आवेदन कर केंद्र सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। ऐसे में 25 साल पहले की गई गलती को अब सुधारने के प्रयास किए जा रहे है।

इसके लिए केंद्र सरकार से भी पत्र व्यवहार किया जाएगा। यह हवाई पट्टी गुना जिले में अशोकनगर मार्ग पर कैंट एरिया में बनी हुई है। इसकी जानकारी मिलने पर गुना वनमंडल के डीएफओ ने पत्राचार शुरू कर दिया है। विमानन विभाग द्वारा वर्तमान में गुना की हवाई पट्टी विमान प्रशिक्षण के लिए किराए पर दी हुई है।

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने चार माह पहले विधानसभा में दो मार्च 2023 को प्रश्न पूछा था कि प्रदेश के कितने वन मंडलों में हेलीपैड एवं रनवे हैं, लेकिन उस समय वन विभाग ने इसके लिखित उत्तर में कहा था कि जानकारी एकत्रित की जा रही है। इससे यह सवाल अपूर्ण प्रश्नों की सूची में चला गया।

अब इस प्रश्न का लिखित उत्तर वन विभाग ने विधानसभा सचिवालय को भेज दिया है। जवाब में बताया गया है कि झाबुआ वनमंडल में एक तथा कूनो वन्यप्राणी वनमंडल में पांच हेलीपैड बने हैं, जबकि गुना वनमंडल में रनवे यानी हवाई पट्टी है। उधर पचमढ़ी में हवाई पट्टी का विस्तार किया जा रहा है, यहां भी कुछ निर्माण कार्य वन भूमि में कराने की शिकायत की जांच जारी है।


Advertisement