राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन आज भुवनेश्वर में आयोजित ऑल इंडिया लघु
एवं मध्यम समाचार पत्र फेडरेशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में वर्चुअल रूप से
शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए समाचार
पत्रों की महती भूमिका है।
राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में लघु
समाचार पत्रों का योगदान भुलाया नही जा सकता। आजादी के लिए जागरूकता और
उत्साह भरने और एकजुट होकर लड़ने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन लघु
समाचार पत्र ने किया। महात्मा गांधी जी द्वारा संपादित ‘‘हरिजन‘‘ पत्रिका
ने स्वदेशी आंदोलन को जन-जन तक पहंुचाने में विशेष भूमिका निभाई। यंग
इंडिया जैसी पत्रिकाएं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजों के विरूद्ध
लड़ाई के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगांे को जागरूक करने का काम
करती थीं।
राज्यपाल ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। और लोकतंत्र में
प्रेस की महती भूमिका है। संविधान में सभी को समान अधिकार प्राप्त है। सभी
को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। लोगों को न्याय दिलाना हमारी
प्राथमिकता होनी चाहिए। जब लोगों के मुलभूत अधिकारों का हनन होता है तो
शोषण के खिलाफ लड़ने और लोगों को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रेस की भूमिका
महत्वपूर्ण होती है।
राज्यपाल ने कहा कि यह सम्मेलन समाचार पत्रों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका
धारको को और पत्रकारों के बीच ज्ञान विनिमय के लिए एक महत्वपूर्ण
प्लेटफॉर्म है। उन्होंने आग्रह किया कि इस सम्मेलन में देश की समस्याओं पर
भी चर्चा करें। अपने समाचार पत्रों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं पर ध्यान
केंद्रीत करें और समाज में बदलाव लाने के लिए सक्रिय रहें। समाज मे
व्याप्त विषमता, भ्रष्टाचार, शोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के मुद्दों
पर अपने लेखो के माध्यम से चर्चा करें और लोगांे को समाधान के लिए प्रेरित
करें।
इस अवसर पर फेडरेशन के पदाधिकारी एवं देश भर से आये हुए विभिन्न लघु एवं
मध्यम समाचार पत्र संस्थाओं के मालिक संपादक, और प्रकाशक उपस्थित थे।
राज्यपाल ने फेडरेशन द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया।
ऑल इंडिया लघु एवं मध्यम समाचार पत्र फेडरेशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में वर्चुअली शामिल हुए राज्यपाल











