रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज दुर्ग जिले के प्रवास के दौरान ब्लॉक स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रांगण में एक पेड़ मां के नाम के तहत वृक्षारोपण भी किया।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने निर्देश दिए कि अधिकारी हितग्राहियों से व्यक्तिगत रूप से मिलें और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले। सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल संरक्षण से जुड़े प्रयासों का आकलन करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए प्री-मानसून और पोस्ट-मानसून दोनों अवधियों में भूजल स्तर का नियमित और व्यवस्थित मापन किया जाए। उन्होंने कहा कि इन दोनों समयावधियों के आंकड़ों की तुलना करने से यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि वर्षा के साथ-साथ जिले में चलाए गए जल संवर्धन अभियानों जैसे सोखपीट निर्माण और अन्य संरचनाओं का भूजल स्तर पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि इस प्रक्रिया को नियमित रूप से अपनाया जाता है, तो न केवल जल स्तर में हो रही वास्तविक वृद्धि का सही आंकलन संभव होगा, बल्कि जल संरक्षण के प्रयासों को और बेहतर दिशा भी दी जा सकेगी।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, शासकीय भवनों, सड़कों के किनारे तथा सिविल क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने को कहा, ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। राज्यपाल ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से आम लोगों की सहभागिता बढ़ेगी और वे वृक्षारोपण के प्रति अधिक जागरूक एवं प्रेरित होंगे।
राज्यपाल श्री डेका ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से स्कूलों में शौचालय की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल में शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा वे साफ-सुथरे और उपयोग योग्य स्थिति में हों। उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों के शौचालयों का निरीक्षण करने के लिए कहा। राज्यपाल ने यह भी जोर दिया कि शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही राज्यपाल ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट हुए बच्चों और उनके अभिभावकों की बैठकें आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और वर्तमान में किसी अच्छे संस्थान में कार्य कर रहे हैं या किसी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, उन्हें स्कूलों में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए। ऐसे कार्यक्रमों से वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे।











