प्रॉपर्टी के रेट कब से बढे़ेंगे, सरकार करेगी फैसला:मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे अफसर, एक और बैठक करेगी केंद्रीय मूल्यांकन समिति

प्रॉपर्टी के रेट कब से बढे़ेंगे, सरकार करेगी फैसला:मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे अफसर, एक और बैठक करेगी केंद्रीय मूल्यांकन समिति

मध्यप्रदेश में एक साल के भीतर दूसरी बार कलेक्टर गाइडलाइन में शामिल प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाने के मामले में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा से चर्चा के बाद होगा। इसके बाद ही 6 नवंबर को केंद्रीय मूल्यांकन समिति से हरी झंडी पाने वाली लोकेशन पर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाए जाएंगे। इसके आधार पर रजिस्ट्री में स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क वसूला जाएगा।

आईजी पंजीयन और मुद्रांक विभाग के अधीन काम करने वाली कमेटी ने यह भी तय किया है कि एक हफ्ते में एक और मीटिंग बुलाई जाएगी। इसमें प्रॉपर्टी की नई गाइडलाइन लागू करने के मामले में होल्ड किए गए भोपाल कलेक्टर की गाइडलाइन को मंजूरी दी जाएगी।

इसके लिए भोपाल कलेक्टर को सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद एक हफ्ते में दोबारा रिपोर्ट देने को कहा गया है। केंद्रीय मूल्यांकन समिति इसी बैठक में सीहोर और श्योपुर जिले की कलेक्टर गाइडलाइन को भी दोबारा अनुमोदित करेगी, क्योंकि अभी वहां 13 नवंबर को वोटिंग होना है। इसलिए इन जिलों की जिला मूल्यांकन समिति की कलेक्टर गाइडलाइन रिपोर्ट को लागू करने से रोका गया है।

1 लाख 12 हजार लोकेशन में से 3500 पर बढे़ेंगे दाम

प्रदेश भर के 1 लाख 12 हजार लोकेशन पर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाने के प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति को मिले थे। इसमें से 3 प्रतिशत यानी 3500 लोकेशन पर 0.94 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया जा चुका है। अधिकारी इस मामले में किसी तरह की विवाद की स्थिति में नहीं उलझना चाहते हैं, इसलिए तय किया गया है कि इस वृद्धि को सरकार को संज्ञान में लाकर ही बढ़े दाम प्रभावी करने की तारीख का ऐलान किया जाए।

अफसरों के अनुसार जहां कलेक्टर गाइडलाइन में बताई गई प्रॉपर्टी की कीमत और आज के बाजार मूल्य में बहुत अधिक अंतर पता चला है, उसी लोकेशन को चिन्हित कर उसी क्षेत्र में ही कीमत बढ़ाई है।

कीमतें बढ़ाने वाली केंद्रीय मूल्यांकन समिति में ये अफसर

  • आईजी पंजीयन और मुद्रांक
  • प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग
  • संचालक नगर व ग्राम निवेश
  • आयुक्त भू अभिलेख
  • संचालक कृषि और किसान कल्याण विभाग
  • मुख्य वन संरक्षक वन विभाग
  • विभागाध्यक्ष, सिविल इंजीनियरिंग विभाग मैनिट
  • विभागाध्यक्ष आर्किटेक्चर विभाग मैनिट
  • ओएसडी वाणिज्यिक कर विभाग
  • इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर के परिक्षेत्रीय डीआईजी पंजीयन

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