प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी, जहां पाठ्यक्रम में शामिल किए गए नए कानून

प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी, जहां पाठ्यक्रम में शामिल किए गए नए कानून
 भोपाल। देश में 1 जुलाई से 3 नए कानून भारतीय न्याय संहिता,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम को लागू किए जा चुके हैं। भोपाल के नेशनल ला इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (NLIU) ने इन नए कानूनों को पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया है।NLIU का नया सत्र 15 जुलाई से शुरू हुआ है। यहां के बीएएलएलबी के तीसरे वर्ष और एलएलएम के प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम में तीनों नए कानून को शामिल किया गया है। विवि के अधिकारियों का कहना है कि इस नए कानून के साथ-साथ पुराने कानून भारतीय दंड संहिता व सीआरपीसी क्रिमिनल और साक्ष्य कानून और नए कानून का तुलनात्मक अध्ययन कर विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।

ऐसा करने वाली प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी

ऐसा करने वाली यह प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है। वहीं शासकीय राज्य स्तरीय विधि महाविद्यालय में अपने स्तर पर विद्यार्थियों को नए कानून पढ़ाना शुरू कर दिए हैं, जबकि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) ने विधि विभाग के पाठ्यक्रम में अपडेट नहीं किया है।

पाठ्यक्रम में बदलाव का प्रस्ताव

बीयू के अधिकारियों का कहना है कि बीएएलएलबी व एलएलएम के पाठ्यक्रम में बदलाव करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। विवि के बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक आयोजित की जा चुकी है। सत्र 2024-25 से ही नए कानूनों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

विवि प्रबंधन का कहना है कि जल्द ही तीनों नए कानूनों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की अधिसूचना जारी की जाएगी। इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। इसी शैक्षणिक सत्र से सिलेबस अपडेट किए जा रहे हैं। बीयू प्रबंधन ने सभी तैयारी कर ली हैं।

कॉलेज व विश्वविद्यालयों में सेमिनार होंगे

नए कानून की जागरूकता के लिए कॉलेज व विश्वविद्यालय में विशेष सेमिनार आयोजित कराए जाएंगे। नए कानून के तहत पुलिस विभाग और न्यायाधीशों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। नए कानून लागू होने की तारीख से ही नया शैक्षणिक सत्र भी शुरू हो गया है, लेकिन कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में नए कानून अब तक अपडेट नहीं हो सके हैं।

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