भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के तूर्यनाद-23 समारोह में देश के प्रचलित शिवाय द बैंड ने अपनी धमाकेदार प्रस्तुति से दर्शकों को आनंदित कर दिया। पारंपरिक व सांस्कृतिक संगीत को आधुनिकता से जोड़ कर की गई ये प्रस्तुति वहां उपस्थित सभी श्रोताओं का मन मोह गई। प्रतिभागियों व दर्शकों ने भारी संख्या में कार्यक्रम से जुड़कर भरपूर आनंद लिया। बैंड के गायक दशमीत सिंह और शिवाजी सुर्वे के रागमय कौशल से सभी के हृदय संगीत के सागर में डूब गए। कार्यक्रम में उन्होंने खुद की रचनाओं को पेश किया।
सुरीली प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक
कार्यक्रम की शुरुआत में शिवाय बैंड के कलाकारों ने सांसों की माला पे... गीत सुनाया। इसके बाद बैंड ने ओ जाने जा... और तेरी दीवानी... जैसे गीतों की प्रस्तुति देते हुए माहौल को रूमानी बना दिया। बैंड के गायकों ने जैसे ही ये देश है वीर जवानों का... की प्रस्तुति दी, हाल में मौजूद दर्शक रोमांचित होकर झूमने लगे। फिर मेरे देश की धरती..., मां तुझे सलाम... और जय हो... गीत की प्रस्तुति को माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इसके बाद आशाएं खुले दिल की..., दमादम मस्तकलंदर... गीत पेश कर सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
हिंदी को समर्पित उत्सव
तूर्यनाद समिति द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले तीन दिवसीय हिंदी महोत्सव में पहले दिन मुख्य अतिथि पद्मश्री भील चित्रकार भूरी बाई एवं विशिष्ट अतिथि अटल बिहारी वाजपई हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. खेमसिंह डहरिया, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक आशुतोष कुमार सिंह मौजूद रहे। समिति की मार्गदर्शिका डा. सविता दीक्षित ने हिंदी के प्रति जागरुकता एवं उत्थान के दायित्व की प्रशंसा की। हिंदी एवं भारत की परंपरा और अमिट संस्कृति का उदाहरण देकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मैनिट के निदेशक प्रो. करुणेश कुमार शुक्ल ने राजभाषा हिंदी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने मानव जीवन के अनन्य मूल्य विद्यार्थियों के समक्ष रखे एवं भारतीय इतिहास के आध्यात्म का महत्व बताया।
परिधानिका में होगा फैशन शो
कार्यक्रम में संसदीय वाद-विवाद का आयोजन सुबह 11 बजे से होगा। सृजन, परिधानिका में फैशन शो और अभिव्यक्ति कार्यक्रम होगा। नृत्य एवं गायन परिधानिका प्रतियोगिता दोपहर-3 बजे से होगी। इस प्रतियोगिता के साथ ही सृजन प्रतियोगिता की प्रविष्टियों की प्रदर्शनी लगेगी। सृजन प्रतियोगिता इस वर्ष दो माध्यमों से आयोजित होगी। डिजिटल सृजन का तूर्यनाद में इस वर्ष पदार्पण होगा। अभिव्यक्ति नाम से प्रसिद्ध नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता की ऊर्जा के साथ ही समापन होगा।











