निगम-सीमा खत्म होते ही शुरू होता है भू-माफियाओं का साम्राज्य

निगम-सीमा खत्म होते ही शुरू होता है भू-माफियाओं का साम्राज्य
रायपुर, नगर निगम सीमा से लगे ग्रामीण इलाकों में भूमाफिया सस्ती जमीन और भविष्य में निगम सीमा में शामिल होने का झांसा देकर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। भूमाफिया लोगों को भविष्य में निगम क्षेत्र में शामिल होने का झांसा देते हुए लोगों को यहां भूमि बेच रहे हैं।

भास्कर की पड़ताल में छेरीखेड़ी खार में 8 एकड़ से अधिक जमीन पर प्लाटिंग और परसुलीडीह में 70-80 मकानों की बसाहट मिली। दोनों जगह लोग बिना सड़क और मूलभूत सुविधाओं के रह रहे हैं।

इसके अलावा कांदुल, सेजबहार क्षेत्र में भी अवैध प्लाटिंग का काम लगातार चल रहा है। पुराना धमतरी रोड में तो 999 से लेकर 2000 रुपए वर्गफीट में जमीन का लालच देते कई पोस्टर लगे हैं। छत्री लेकर एजेंट भी यहां बैठे रहते हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि कार्रवाई निगम, नगर एवं ग्राम निवेश और एनआरडीए के अधिकार क्षेत्र में उलझी हुई है, जिसका फायदा भूमाफिया उठा रहे हैं। जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं।

छेरीखेड़ी में कच्चे रास्ते से पहुंच, फिर भी बिक रही 2200 रुपए वर्गफीट तक जमीन

जोरा से छेरीखेड़ी खार जाने वाले कच्चे रास्ते के किनारे करीब 8 एकड़ भूमि पर प्लाटिंग की जा रही है। यहां 5 से 7 मकान और कई गोदाम बन चुके हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक जमीन 2000 से 2200 रुपए प्रति वर्गफीट तक बेची जा रही है। बारिश में यहां पहुंचना मुश्किल है, फिर भी प्लॉटों की बिक्री जारी है। लोगों से हमें यहां प्लाटिंग करने वाले कमलेश शुक्ला का नंबर मिला। शुक्ला से बातचीत का अंश-

खरीदार बनकर रिपोर्टर पहुंचे तो एजेंट ने बदला लहजा

रिपोर्टर: भैया, छेरीखेड़ी खार में जमीन देखनी है, दिखा दीजिए।

कमलेश शुक्ला: नंबर कहां से मिला? रिपोर्टर: यहीं रहने वालों ने दिया है। शुक्ला: अभी मेरी वहां जमीन नहीं है।

रिपोर्टर: किसी दूसरे की हो तो दिखा दीजिए। शुक्ला (लहजा बदलते हुए): मेरी जमीन नहीं है भैया, आप अपना परिचय अच्छे से दोगे तो बात कर सकते हैं।

नगर निवेशक आभास मिश्रा के मुताबिक निगम सीमा के भीतर अवैध प्लाटिंग पर लगातार कार्रवाई हो रही है। पिछले वर्ष 329 और इस वर्ष 150 से अधिक मामलों में कार्रवाई की गई है।

परसुलीडीह में दो साल में बस गई कॉलोनी

सड्डू से लगे परसुलीडीह पंचायत में पिछले दो वर्षों में बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग हुई है। यहां 70 से 80 मकान बन चुके हैं और लोग रह भी रहे हैं। बारिश में कीचड़ और खराब रास्तों के बीच लोगों को आवाजाही करनी पड़ती है। अप्रैल में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने कार्रवाई कर प्लाटिंग रुकवाई थी, लेकिन कुछ समय बाद फिर निर्माण और बिक्री शुरू हो गई।

पड़ताल में आईं ये 5 बड़ी बातें

  • छेरीखेड़ी खार में 8 एकड़ से अधिक भूमि पर अवैध प्लाटिंग।
  • 5-7 मकान और कई गोदाम पहले ही बन चुके।
  • परसुलीडीह में 70-80 परिवार बस चुके हैं।
  • जमीन 2000-2200 रुपए प्रति वर्गफीट तक बेची जा रही।
  • 999 से लेकर 2000 रुपए वर्गफीट में जमीन का लालच दे रहा भूमाफिया।
  • विभागीय सीमा विवाद के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही।

जानिए... क्या कहते हैं जिम्मेदार

क्षेत्र से बाहर इसलिए सख्ती नहीं छेरीखेड़ी में बसाहट शुरू हो चुकी है। लोग सड़क की मांग लेकर आते हैं। निगम सीमा से बाहर होने के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही। एसडीएम से भी शिकायत की गई है। - रेणू जयंत साहू, पार्षद

तत्काल कर रहे कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में शिकायत मिलने पर नोटिस देकर कार्रवाई की जाती है। छेरीखेड़ी एनआरडीए क्षेत्र में आता है, वहां संबंधित एजेंसी कार्रवाई करेगी। -विनीत नायर, उपसंचालक, नगर एवं ग्राम निवेश

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