हंगामे की भेंट चढ़ी चार महीने बाद हुई जिला पंचायत की बैठक

हंगामे की भेंट चढ़ी चार महीने बाद हुई जिला पंचायत की बैठक
भोपाल। चार महीने बाद आयोजित जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक हंगामे की भेंट गई। बैठक में जिला पंचायत में अध्यक्ष, सदस्य और जिला पंचायत के सीईओ ऋतुराज सिंह के बीच चल रही कलह सबके सामने आई। बुधवार को हुई इस बैठक में शिक्षा विभाग के एजेंडे पर चर्चा शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया।जिला पंचायत अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर और उपाध्यक्ष मोहन जाट ने डीईओ अंजनी कुमार त्रिपाठी के खिलाफ चार महीने पहले पारित किए गए निंदा प्रस्ताव को लेकर सवाल किया। सीईओ ने सफाई देते हुए कहा कि फाइल कलेक्टर के यहां है। यह सुनते ही अध्यक्ष भड़क उठी।

बैठक छोड़कर उठे

यह देखकर अन्य सदस्य भी सीईओ पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाने लगे। हंगामा इतना बढ़ा कि अध्यक्ष और सदस्य बैठक छोड़कर चले गए। इसके बाद पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल से मिलकर अफसरों की शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में सीईओ ऋतुराज का कहना है कि बैठक में जनप्रतिनिधियों के पतियों द्वारा हस्तक्षेप किया जा रहा है। इसलिए बैठक नहीं चलाई जा सकी।

सीईओ पर मनमानी का आरोप

जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का आरोप है कि सीईओ हर मुद्दे पर अपनी मनमानी करते हैं। इसके चलते जनप्रतिनिधियों ने सीईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया है। उपाध्यक्ष मोहन जाट ने कहा कि डीईओ अंजनी कुमार त्रिपाठी के विरुद्ध पिछली बैठकों में निंदा प्रस्ताव लाए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सदस्य विनय मैहर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कोई काम नहीं हो रहे हैं । बैठक नहीं होने से वे गांव से जुड़े पानी, सड़क, नाला-नाली निर्माण, बिजली कनेक्शन समेत जनता से जुड़े अन्य विषय नहीं उठा पा रहे थे। बुधवार को होने वाली बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होनी थी।

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