फीस जमा न होने पर बच्चे को ढाई घंटे कक्षा से बाहर खड़ा किया, कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचा मामला

फीस जमा न होने पर बच्चे को ढाई घंटे कक्षा से बाहर खड़ा किया, कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचा मामला
भोपाल। शहर के रतनपुर 11 मील मिसरोद स्थित महर्षि विद्या मंदिर में पदस्थ शिक्षिका भावना श्रीवास्तव और प्राचार्य की मनमानी की सजा दूसरी कक्षा के एक मासूम छात्र को दी गई। दरअसल बच्चे के पालकों ने फीस जमा नहीं की तो उसे न सिर्फ कक्षा से बाहर खड़ा कर दिया गया, बल्कि दो दिन के लिए स्कूल से निलंबित भी कर दिया। पालकों ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर अपर कलेक्टर भूपेंद्र गोयल को शिकायत दर्ज कराई। अपर कलेक्टर ने मामले की जांच डीपीसी को सौंपी है।
जानकारी के अनुसार झरनेश्वर कालोनी निवासी जीसी नाविक ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनका बेटा युग नाविक महर्षि विद्या मंदिर रतनपुर 11 मील मिसरोद में ए-2 का छात्र है। पिछले दिनों युग की शिक्षिका भावना श्रीवास्तव ने पांच पीरियड तक बच्चे को क्लास से बाहर बैठाया गया। पत्नी माया ने जब प्राचार्य से बात की तो उन्होंने कहा कि आपके बच्चे की फीस जमा नहीं है। ऐसे में जिन बच्चों की फीस जमा नहीं है, उन्हें कक्षा में नहीं बैठाया जाएगा। जबकि बच्चे की फीस पहले ही जमा की जा चुकी है। प्राचार्य ने शिक्षिका की शिकायत करने पर बच्चे को दो दिन के लिए स्कूल से निलंबित कर दिया। पालकों ने शिक्षिका और प्राचार्य के अभद्रता करने का आरोप लगाया है।

बेटे की मौत के बाद सता रही बहू

पार्वती बाई पत्नी दरयाब सिंह निवासी बोरबंद बैरागढ़ ने शिकायत दर्ज कराई है कि मेरे बड़े बेटे की मौत के बाद से बहू घर में बाहरी लोगों को बुलाकर पार्टी करती है। मना करने पर उलटे थाने में शिकायत कर देती है, जिससे थाने में मुझे घंटों बैठाकर रखा जाता है। महीनेभर मैं लोगों के घरों में काम कर कुछ पैसे जुटा पाती हूं, जिसे बहू छीन लेती है। बहू की हरकतों की वजह से ही मेरे बेटे ने फांसी लगाकर खुदकुशी की थी।

एयरपोर्ट प्रबंधन ने हड़पी जमीन

वासदेव सहजवानी पिता किशनचंद निवासी गिदवानी पार्क के पास बैरागढ़ ने शिकायत दर्ज कराई है कि लाउखेड़ी में मैंने रजिस्ट्री और नामांतरण कराकर जमीन खरीदी थी। जिसका खसरे में भी नाम दर्ज है। राजाभोज विमानतल के विस्तार के लिए 101.24 एकड़ जमीन सितंबर 2006 में अधिगृहित की गई। जिसका मुआवजा 1 लाख 40 हजार 694 रुपये दिए गए, लेकिन मौके पर 0.237 हेक्टेयर जमीन पर बाउंड्रीवाल कर दी गई। जिसके बाद कोर्ट में केस दायर किया गया। कोर्ट ने अवार्ड से अधिक जमीन लेने पर शेष जमीन वापस करने के आदेश दिए गए हैं। जमीन मालिक ने कलेक्टर से अपनी जमीन वापस लेने की मांग की है।

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