जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर रवींद्र भवन में "एक देश, एक विधान" कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने कश्मीर से धारा 370 हटाने की मांग उठाई थी। वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सच्चे नेता थे। उन्होंने राष्ट्रवादी दल के रूप में जनसंघ की स्थापना की।
मौजूदा दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके विचारों और सपनों को धरातल पर उतारने का काम कर रहे हैं। आजादी के बाद डॉ. मुखर्जी ने सबसे पहले उन व्यवस्थाओं का विरोध किया था जो राष्ट्र हित में नहीं थीं। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि पंडित नेहरू से मतभेदों के चलते डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। डॉ. मुखर्जी प्रखर देशभक्त थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी उपस्थित थे।











