दरअसल, पंजाब की शुरुआत बेहद खराब रही थी। चार ओवर में सिर्फ 14 रन बनाने में ही पंजाब ने दो बड़े विकेट गंवा दिए थे। जॉनी बेयरस्टो और सैम करने के सस्ते में निपटने के बाद अब जिम्मेदारी शिखर धवन के कंधों पर थी। भुवी ने पांचवें ओवर की दूसरी बॉल पर धवन का स्लिप में एक आसान कैच अब्दुल समद ने टपका दिया था। गेंद चौके के लिए बाउंड्री के पार चली गई। अब भुवी ने चौथी गेंद गुड लेंथ पर डाली। 140 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आई बॉल पर धवन आगे बढ़कर शॉट खेलना चाहते थे, शायद उनका मकसद गेंदबाज की लैंथ बिगाड़ना था, लेकिन वह अपने ही जाल में फंस गए।
गेंद टप्पा खाकर आउटस्विंग हुई और बल्ले को बीट करती हुई सीधा कीपर के दस्तानों में गई, जहां से हेनरिक क्लासेन ने गेंद को पकड़कर सीधा स्टंप्स पर लगाया। धवन क्रीज के बाहर ही खड़े रह गए। इस तरह पंजाब को 20 रन पर तीसरा झटका लगा और शिखर धवन 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनके चेहरे पर जीवनदान का फायदा न उठा पाने का मलाल साफतौर पर देखा जा सकता था।











