अफगानिस्तान के लिए इब्राहिम जादरान (143 गेंदों पर नाबाद 129 रन) ने विश्व कप में पहला शतक बनाया, लेकिन मैक्सवेल और कप्तान पैट कमिंस ने 8वें विकेट की साझेदारी के लिए 170 गेंदों पर 202 रन बनाते हुए बता दिया कि यह टीम क्यों 5 बार की चैंपियन है। मैक्सवेल ने साझेदारी में 179 रन बनाए और कमिंस 68 गेंदों पर 12 रन बनाकर नाबाद रहे। वह दूसरे छोर पर बल्लेबाज कम दर्शक अधिक नजर आए। यह मैक्सवेल की एक सनसनीखेज पारी थी, जिन्होंने मार्नस को रन आउट करने में शामिल होकर ऑस्ट्रेलिया को 91/7 पर सघर्ष करने के बाद किले पर कब्जा कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया को आखिरी चार ओवरों में 21 रनों की जरूरत थी। मैक्सवेल ने 47वें ओवर में चार गेंदों पर 22 रनों की शानदार पारी खेली और मैच विनिंग सिक्स से दोहरा शतक भी पूरा किया। मैक्सवेल ने 128 गेंदों में 21 चौकों और 10 छक्कों की मदद से अविजित 201 रन की शानदार पारी खेली, जिससे ऑस्ट्रेलिया के आठ मैचों में 12 अंक हो गए और उसने तीसरे स्थान की टीम के रूप में सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। ऑस्ट्रेलिया गहरे संकट में था, जब 15वें ओवर में स्कोर 87/6 पर पहुंचा। तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक, राशिद खान ने और अजमतुल्लाह उमरजई ने दो-दो विकेट लिए। मैक्सवेल एक एलबीडब्ल्यू मौके से बच गए और मुजीब उर रहमान ने कैच छोड़ दिया।
वह भाग्यशाली थे कि उन्होंने अन्य मौकों पर भी किस्मत ने उनका साथ दिया। इस जीत के साथ ही अफगानिस्तान ने उस बुझती राख को हवा देकर ज्वालामुखी बना दिया, जो अब तक सोई हुई थी। इस कंगारू टीम को अब रोकना नामुमकिन लग रहा है। 5 बार की चैंपियन के मुंह अब जीत का स्वाद लग गया है। यहां से उसका खेल बदल जाएगा। अब हर टीम के लिए वह सबसे बड़ा खतरा बनता दिख रही है।
वह भाग्यशाली थे कि उन्होंने अन्य मौकों पर भी किस्मत ने उनका साथ दिया। इस जीत के साथ ही अफगानिस्तान ने उस बुझती राख को हवा देकर ज्वालामुखी बना दिया, जो अब तक सोई हुई थी। इस कंगारू टीम को अब रोकना नामुमकिन लग रहा है। 5 बार की चैंपियन के मुंह अब जीत का स्वाद लग गया है। यहां से उसका खेल बदल जाएगा। अब हर टीम के लिए वह सबसे बड़ा खतरा बनता दिख रही है।











