सड़क हादसा में जान गवाए लोगों की कहानी बता नई पीढ़ी को कर रहे सावधान

सड़क हादसा में जान गवाए लोगों की कहानी बता नई पीढ़ी को कर रहे सावधान

बिलासपुर । सड़क यातायात पीड़ितों को तो याद करने के लिए विश्व स्मरण दिवस हर साल 20 नवंबर को मनाया जाता है। इस अवसर पर शहर में यातायात पुलिस विभाग द्वारा सड़क हादसे को रोकने के लिए विभिन्न जगहों में यातायात पाठशाला अभियान चलाया गया। पुलिस टीम द्वारा जिले के स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। नई पीढ़ी के बच्चों को वाहन सावधानी से चलाते हुए सतर्क रहने की सीख दी गई।

पुलिस विभाग द्वारा सड़क हादसे में लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने से दुर्घटना में जान गवाने वाले राहगीरों के बारे में बच्चों को बताया जा रहा है। इसके साथ ही वाहन चालक के मौत होने के बाद उसके परिवार स्थिति के बारे में भी अवगत कराया जा रहा है। यातायात विभाग द्वारा रानी लक्ष्मीबाई हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मध्याम लिंगियाडीह स्कूल, सरकंडा के प्राइमरी से हायर सेकेंडरी बालक व कन्या स्कूल सहित अन्य जगहों में जागरूकता अभियान चलाया गया।

इस दौरान यातायात नियम का पालन करने के लिए बच्चों को प्रेरित की गई। यातायात विभाग के सब इंस्पेक्टर उमाशंकर पांडे के द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है। यातायात के नियमों का पालन करने के साथ ही घायलों की मदद करने की भावना उनमें जगाई जा रही है। इस बीच यह भी बताया जा रहा है कि घायलों की मदद करने पर पुलिस विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा। जिले में ऐसे मामले पर सहयोग करने पर इस वर्ष 149 लोगों को सम्मानित किया जा चुका है।

जिन्होंने सड़क हादसे में घायलों की समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किये जाते हैं। सड़क हादसे में घायल पीड़ितों का स्मरण भी करते हैं और लोगों को पीड़ितों की मदद करने के लिए प्रेरित करते हैं। सम्मानित किये लोगों में ऐसे व्यक्ति शामिल है जो सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद कर उसकी जान बचाए हैं। इसके साथ ही वह लोग जो पुलिस को घटना की सूचना देना हो या फिर घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद किये शामिल है। उन सभी सदस्यों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अहम भूमिका

सड़क दुर्घटना में घायल या मृत व्यक्तियों को मदद पहुंचाने में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण अहम भूमिका निभाया जा रहा है। नेशनल लोक अदालत के दौरान खंडपीठों में इस तरह के प्रकरणों को सुनवाई के लिए विशेषतौर पर रखा जाता है। सुनवाई के दौरान खंडपीठ की कोशिश रहती है कि आश्रितों व जरूतमंदों को सहायता राशि मुहैया कराई जा सके।

लोगों के मन से संशय दूर करना बड़ी चुनौती

यातायात विभाग का कहना है कि कानूनी मामले में न पड़ें इसलिए सड़क दुर्घटना में घायल या फिर गंभीर रूप से घायलों की मदद करने में राहगीर पीछे हट जाते हैं। लोगों के मन में अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है। इसे दूर करना और लोगों के मन में मदद की भावना जगाने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। ताकि घायलों को समय पर इलाज मिल सके।

हाईवे पेट्रोलिंग वाहन पहुंचा रही मदद

राष्ट्रीय राजमार्ग में सड़क हादसा को रोकने व घायलों की मदद करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा हाईवे पेट्रोलिंग शुरू की गई है। कोई भी दुर्घटना के शिकार न हो, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। जिले में तीन पेट्रोलिंग वाहन प्रतिदिन संचालित है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा अब तक शहरी क्षेत्र में ही यातायात व्यवस्था संभाला जा रहा था। जरूरत पड़ने पर शहर के बाहर भी भेजे जाते हैं। सड़क हादसा में पीड़ित परिवारों की स्थिति को देखते मदद करने के तौर पर हाइवे में यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।


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