दरअसल तेज प्रताप यादव ने अपनी पत्नी ऐश्वर्या से तलाक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मामला पटना के फैमिली कोर्ट के नाम से मशहूर निचली अदालत में पहुंचा, जहां ऐश्वर्या ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था। निचली अदालत ने तलाक के मामले में ऐश्वर्या को गुजारा भत्ता देने का आदेश दे दिया, लेकिन घरेलू हिंसा से सुरक्षा के मामले में कोई राहत नहीं दी। इसके बाद ऐश्वर्या ने मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर कराई। इस पर हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को खारिज करते हुए घरेलू हिंसा पर फैमिली कोर्ट को फिर से सुनवाई करने का आदेश दिया था।
'तेज प्रताप ने ऐश्वर्या से की घरेलू हिंसा, रहने के लिए दें राबड़ी जैसा घर' कोर्ट से लालू परिवार को बड़ा झटका
पटना: बिहार के मंत्री और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप की पत्नी ऐश्वर्या की याचिका पर पटना की फैमिली कोर्ट (पारिवारिक अदालत) ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में माना कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप ने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय के खिलाफ घरेलू हिंसा की थी। कोर्ट ने ऐश्वर्या के लिए सुरक्षा आदेश जारी किया है। साथ ही राबड़ी देवी के घर जैसा घर ऐश्वर्या को देने का भी आदेश दिया है।
कोर्ट ने माना तेज प्रताप ने ऐश्वर्या से की घरेलू हिंसा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद पटना की एक फैमिली कोर्ट में घरेलू हिंसा के मामले में फिर से सुनवाई हुई। इस बार कोर्ट ने माना कि तेज प्रताप ने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ घरेलू हिंसा की। कोर्ट ने 27 सितंबर को अपने आदेश में ऐश्वर्या की सुरक्षा का आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने तेज प्रताप को आदेश दिया कि वो अपनी पत्नी के सभी खर्चे बिजली बिल, किराया आदि भी वहन करेंगे। साथ ही एक महीने के अंदर पत्नी को रहने के लिए मां की तरह एक घर भी दें।
कोर्ट ने माना राबड़ी देवी और ऐश्वर्या के रिश्तों में कड़वाहट
कोर्ट ने माना कि तेज प्रताप ने ऐश्वर्या को अपने घर तक आने से रोकने के लिए पत्नी के साथ घरेलू हिंसा की है। कोर्ट ने अपने 17 पन्नों के आदेश में ऐश्वर्या और उनकी सास राबड़ी देवी के बीच मौजूद कड़वाहट भरे रिश्ते पर भी प्रकाश डाला है।











