यह पूरा मामला सामने तब आया जब अधारताल एसडीएम शिवाली सिंह ने अपनी जांच में पाया कि तहसीलदार धुर्वे ने 8 अगस्त 2023 को एक आदेश जारी कर शिवचरण पांडे की 1.01 हेक्टेयर जमीन को श्याम नारायण चौबे के नाम कर दिया। यह जमीन पिछले 50 सालों से उनके नाम पर दर्ज थी। चौंकाने वाली बात यह है कि श्याम नारायण चौबे की बेटी दीपा दुबे, अधारताल तहसील कार्यालय में ही संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है।
3 रुपए का स्टाम्प और फर्जी आदेश पर तहसीलदार ने रची बुजुर्ग की जमीन हड़पने की साजिश, जबलपुर SDM ने ऐसे खोली पोल
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 95 साल के बुजुर्ग शिवचरण पांडे की जमीन हड़पने के गंभीर आरोप में तहसीलदार समेत 7 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अधारताल के तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। आरोप है कि तहसीलदार ने अपने पद का दुरुपयोग करके फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बुजुर्ग की जमीन का मालिकाना हक बदल दिया।
एसडीएम की जांच ने खोले घोटाले के तार
एसडीएम की जांच में यह भी सामने आया कि दीपा दुबे और पटवारी जगेंद्र पिपरे ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद तहसीलदार से फर्जी आदेश जारी करवाया। इन लोगों ने एक कूटरचित वसीयतनामा के आधार पर श्याम नारायण चौबे का नाम जमीन पर दर्ज करवाया। इसके बाद श्याम नारायण चौबे की मृत्यु के तुरंत बाद दीपा दुबे और उसके भाइयों ने फौती के आधार पर संपत्ति अपने नाम करवा ली और उसे बेच दिया।
तीन रुपए का बनाया वसीयतनामा
इस मामले में एक सबसे चौंकाने वाली बात निकलकर सामने आई है। जमीन की हेराफेरी के लिए सिर्फ तीन रुपए के स्टाम्प पेपर पर वसीयतनामा तैयार किया गया था। इसे अदालत में पेश किया गया।
तहसीलदार ने अधिकार क्षेत्र से बाहर दिया फर्जी आदेश
जांच में यह भी पता चला कि जिस समय यह फर्जीवाड़ा हुआ, उस समय अतिरिक्त तहसीलदार राजेश कौशिक के पास अधारताल तहसील का प्रभार था। इसके बाद भी तहसीलदार धुर्वे ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर इस मामले में हस्तक्षेप किया और फर्जी आदेश पारित किया।
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
एसडीएम शिवाली सिंह ने अपनी जांच के बाद तहसीलदार धुर्वे के आदेश को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया। उन्होंने 95 वर्षीय शिवचरण पांडे की जमीन हड़पने की साजिश रचने और इसमें शामिल सभी आरोपियों, दीपा दुबे, उसके भाई रविशंकर चौबे, अजय चौबे और जमीन खरीदार हर्ष पटेल के खिलाफ विजय नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 229, 318, 336, 338 के तहत मामला दर्ज कर तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।











