टीम इंडिया से चेज नहीं हुआ था 116 का टारगेट, जिम्बाब्वे में मिल चुकी तीन करारी हार
नई दिल्ली: भारतीय टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज खेलने के लिए तैयार है। तीन मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला आज यानी गुरुवार को होगा। दोनों टीमों की टक्कर हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर होगी। जिम्बाब्वे की टीम भले ही ज्यादा मजबूत नहीं मानी जाती लेकिन वह चौंकाने का दम रखती है। टी20 विश्व कप 2026 में टीम ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर सुपर-8 में जगह बना ली थी।
जिम्बाब्वे में तीन टी20 हार चुका भारत
भारतीय टीम जिम्बाब्वे में जाकर 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इसमें टीम को तीन हार मिली है। 2015 में 10 रन, 2016 में दो रन जबकि 2024 में 13 रन से जिम्बाब्वे ने भारत को हराया था। तीनों ही मैचों में टारगेट छोटा था लेकिन टीम इंडिया उसे चेज नहीं कर पाई। 2024 में भारत से 116 का टारगेट चेज नहीं हुआ था। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के खिलाफ डिफेंड किया गया सबसे छोटा टारगेट है।जिम्बाब्वे में खेलना क्यों चुनौती?
जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर नई गेंद के खिलाफ खेलना आसान नहीं होता। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों के लिए मोमेंट होती है।जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, सूखी पिच धीमी हो सकती है। इससे स्पिनर्स को मदद मिलती है और रन बनाने मुश्किल हो जाता है। इसलिए पार्टनरशिप बहुत जरूरी है और सेट बल्लेबाज को लंबा खेलना पड़ेगा।
पहली पारी का ओसत स्कोर सिर्फ 155 रन
हरारे स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर अभी तक 83 टी20 इंटरनेशनल मैच हुए हैं। इसमें पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 45 जबकि चेज करने वाली टीम ने 36 जीत हासिल की है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर सिर्फ 155 रन रहा है। जिम्बाब्वे के दो लंबे कद के गेंदबाज रिचर्ड गराबा और ब्लेसिंग मुजरबानी यहां सबसे ज्यादा सफल रहे हैं। गराबा के 40 तो मजरबानी के 38 विकेट हैं।











