1. एकदम नए और अलग हालात
भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ अपने मैच की तैयारी के लिए 17 जून को बारबाडोस में नेट्स पर उतरेगी। मगर दोनों ही टीम ने इस टूर्नामेंट में बारबाडोस में एक भी मैच नहीं खेले हैं और उन्हें परिस्थितियों के अनुरूप ढलना होगा। अमेरिका और वेस्टइंडीज दो अलग-अलग जगह हैं, जहां की स्थितियां बिलकुल विपरीत हैं। एक अपनी पिच से तेज गेंदबाजों को मदद करता है, जबकि दूसरा स्पिनरों को मदद करता है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ग्रुप स्टेज का एक मैच यहां के केंसिंग्टन ओवल मैदान पर खेला गया था, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 201 रन बनाए थे और फिर लेग स्पिनर एडम जम्पा 2/28 का स्पैल निकालकर मैन ऑफ द मैच बने थे। दूसरी ओर भारत ने न्यूयॉर्क के जिस नसाउ काउंटी ग्राउंड में अपने तीन ग्रुप स्टेज मैच खेले हैं वहां हालात बिलकुल जुदा थे। भारतीय टीम को कैरेबियन में अलग-अलग पिच परिस्थितियों के अनुरूप अपनी रणनीति बदलनी होगी।
2. स्पिन कॉम्बिनेशन
भारत ने अब तक टूर्नामेंट में अपने तेज गेंदबाजों के भरोसे जीत हासिल की है, लेकिन अब वेस्टइंडीज में धीमी और टर्निंग पिच के कारण उन्हें एक एक्स्ट्रा स्पिनर शामिल करना होगा। युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की एंट्री प्लेइंग इलेवन में हो सकती है, हालांकि दोनों में से कोई भी अबतक टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खेला है। ऐसे में मोहम्मद सिराज का बाहर होना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर अफगानिस्तान के पास राशिद खान की अगुवाई में मोहम्मद नबी और नूर अहमद जैसे दो वर्ल्ड क्लास स्पिनर हैं। तीनों आईपीएल भी खेलते हैं और भारतीय बल्लेबाजों की ताकत-कमजोरी सबकुछ जानते हैं।
भारत ने अब तक टूर्नामेंट में अपने तेज गेंदबाजों के भरोसे जीत हासिल की है, लेकिन अब वेस्टइंडीज में धीमी और टर्निंग पिच के कारण उन्हें एक एक्स्ट्रा स्पिनर शामिल करना होगा। युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की एंट्री प्लेइंग इलेवन में हो सकती है, हालांकि दोनों में से कोई भी अबतक टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खेला है। ऐसे में मोहम्मद सिराज का बाहर होना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर अफगानिस्तान के पास राशिद खान की अगुवाई में मोहम्मद नबी और नूर अहमद जैसे दो वर्ल्ड क्लास स्पिनर हैं। तीनों आईपीएल भी खेलते हैं और भारतीय बल्लेबाजों की ताकत-कमजोरी सबकुछ जानते हैं।
