टीम इंडिया के सामने 3 बड़े चैलेंज, USA चैप्टर खत्म, अब कैरेबियन आईलैंड में सुपर-8 का 'खेला'

टीम इंडिया के सामने 3 बड़े चैलेंज, USA चैप्टर खत्म, अब कैरेबियन आईलैंड में सुपर-8 का 'खेला'
मियामी : टी-20 विश्व कप में भारत का यूएसए लेग खत्म हो चुका है। अब टीम अपने अगले पड़ाव यानी सुपर-8 राउंड के लिए वेस्टइंडीज पहुंच चुकी है। यूएसए में सब कुछ सही नहीं था। खराब पिचें, खराब आउटफील्ड, बारिश के चलते धुले मुकाबलों ने थोड़ा मजा जरूर किरकिरा किया, लेकिन भारत आसानी से पहली बाधा पार कर गया। अब सुपर-8 राउंड में पहली टक्कर अफगानिस्तान, दूसरी बांग्लादेश और तीसरी ऑस्ट्रेलिया में क्रमश: बारबाडोस, एंटीगुआ और सेंट लूसिया में होगी। सुपर-8 राउंड में हर ग्रुप से दो टीम तीसरे राउंड में बढ़ेगी। अगर सबकुछ सही रहा तो रोहित शर्मा के लड़ाके 27 जून को गुयाना में सेमीफाइनल मैच खेलेंगे। अमेरिका के फोर्ट लॉडरडेल में कनाडा के खिलाफ आखिरी लीग मैच खराब मौसम के चलते रद्द हो जाने के बाद से टीम इंडिया के प्लेयर्स को अपने पैर जमाने और थोड़ा आराम करने का समय जरूर मिल गया, लेकिन असल चुनौती तो अब शुरू होगी। चलिए एक नजर डालते हैं कैरेबियन आईलैंड में भारतीय टीम के सामने तैयार तीन चुनौतियों पर...

1. एकदम नए और अलग हालात
भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ अपने मैच की तैयारी के लिए 17 जून को बारबाडोस में नेट्स पर उतरेगी। मगर दोनों ही टीम ने इस टूर्नामेंट में बारबाडोस में एक भी मैच नहीं खेले हैं और उन्हें परिस्थितियों के अनुरूप ढलना होगा। अमेरिका और वेस्टइंडीज दो अलग-अलग जगह हैं, जहां की स्थितियां बिलकुल विपरीत हैं। एक अपनी पिच से तेज गेंदबाजों को मदद करता है, जबकि दूसरा स्पिनरों को मदद करता है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ग्रुप स्टेज का एक मैच यहां के केंसिंग्टन ओवल मैदान पर खेला गया था, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 201 रन बनाए थे और फिर लेग स्पिनर एडम जम्पा 2/28 का स्पैल निकालकर मैन ऑफ द मैच बने थे। दूसरी ओर भारत ने न्यूयॉर्क के जिस नसाउ काउंटी ग्राउंड में अपने तीन ग्रुप स्टेज मैच खेले हैं वहां हालात बिलकुल जुदा थे। भारतीय टीम को कैरेबियन में अलग-अलग पिच परिस्थितियों के अनुरूप अपनी रणनीति बदलनी होगी।

2. स्पिन कॉम्बिनेशन
भारत ने अब तक टूर्नामेंट में अपने तेज गेंदबाजों के भरोसे जीत हासिल की है, लेकिन अब वेस्टइंडीज में धीमी और टर्निंग पिच के कारण उन्हें एक एक्स्ट्रा स्पिनर शामिल करना होगा। युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की एंट्री प्लेइंग इलेवन में हो सकती है, हालांकि दोनों में से कोई भी अबतक टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खेला है। ऐसे में मोहम्मद सिराज का बाहर होना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर अफगानिस्तान के पास राशिद खान की अगुवाई में मोहम्मद नबी और नूर अहमद जैसे दो वर्ल्ड क्लास स्पिनर हैं। तीनों आईपीएल भी खेलते हैं और भारतीय बल्लेबाजों की ताकत-कमजोरी सबकुछ जानते हैं।
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