ड्रग्स की मिली बड़ी खेफ से दोनों देश चिंतित
एनबीटी से खास बातचीत में डॉ राहुल गुप्ता ने कहा कि भारत में नरेन्द्र मोदी की गुवाई वाली केंद्र सरकार ने भी ड्रग की रोकथाम में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और अमेरिका भारत के नशा मुक्त अभियान में हर स्तर पर भारत को मदद देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि हाल में भारत में जो ड्रग की बड़ी तादाद पकड़ में आई उसमें भी दोनों देश आगे की जांच मिल कर रहे हैं। पिछले साल जुलाई में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सिंथेटिक ड्रग खतरों से निपटने के लिए एक ग्लोबल गठबंधन की शुरूआत की थी। तब से इस मामले में कई अहम पहल हुई है और डॉ राहुल गुप्ता का भारत दौरा उसी गठबंधन के परिपेक्ष में था।
सिंथेटिक ड्रग है काफी खतरनाक
अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि ड्रग पर नियंत्रण के लिए किये जा रहे उपाय के कई स्तर हैं। सबसे बड़ी चुनौती इसकी ट्रैफिकिंग को रोकना और फिर इससे जुड़े प्लेयर को दबोचना है। इसके लिए । काउंटर नारकोटिक्स पर दोनों देशाें का ऑपरेशन जमीन से लेकर समुद्र तक हो रहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस ड्रग की चपेट में आए लोगों के पुनर्वास,उन्हें सामाजिक मुख्यधारा में लाना भी बड़ी चुनौती है। डॉ गुप्ता ने कहा कि इसके बिना प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि चार साल पहले के आंकड़े थे कि अमेरिका में 31 फीसद मौत बढ़ी थी ड्रग ओवरडोज के कारण लेकिन इन चार सालों में इसमें 40 फीसदी कमी आयी है।











