टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है कि कोई नॉन-फाउंडर सीईओ इतना अमीर बन जाए। ज्यादातर टॉप एग्जीक्यूटिव कंपनी में हिस्सेदारी के दम पर अमीर बने हैं। इनमें मेटा प्लेटफॉर्म्स के मार्क जकरबर्ग और एनवीडिया कॉर्प के जेंसन हुआंग शामिल हैं। न्यूयॉर्क में गुरुवार को मार्केट खुलने के बाद अल्फाबेट के शेयर 4.1% तक बढ़ गए। दो महीने में यह सबसे ज्यादा इंट्राडे गेन था। अल्फाबेट ने अच्छा मुनाफा कमाया है। कंपनी ने बताया कि उसने उम्मीद से ज्यादा मुनाफा कमाया है। कंपनी का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से उसके हर बिजनस में फायदा हुआ है।
सुंदर पिचाई का भारत कनेक्शन
अल्फाबेट को दूसरी तिमाही में 28.2 अरब डॉलर का मुनाफा हुआ है। इस दौरान कंपनी की कमाई 96.4 अरब डॉलर रही। कंपनी ने यह भी बताया कि वह इस साल कैपिटल एक्सपेंडिचर पर 10 अरब डॉलर ज्यादा खर्च करेगी। कंपनी क्लाउड सर्विसेज की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए यह निवेश कर रही है। पिचाई ने कहा, "हमने एक शानदार तिमाही बिताई है। कंपनी में हर जगह अच्छी ग्रोथ हुई है। AI की वजह से बिजनस में जबरदस्त उछाल आया है।"पिचाई का जन्म 12 जुलाई 1972 में चेन्नई में हुआ था। उनके पिता ब्रिटिश कंपनी जीईसी में इंजीनियर थे। परिवार दो कमरों के एक मकान में रहता था। पिचाई के पास पढ़ाई के लिए कोई अलग कमरा नहीं था। वह अपने छोटे भाई के साथ ड्राइंग रूम के फर्श पर सोते थे। घर में न तो टीवी था और न ही कार। लेकिन ये अभाव पिचाई के लिए प्रेरणा बने और उन्होंने महज 17 साल की उम्र में आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास कर खड़गपुर में दाखिला लिया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान वह हमेशा अपने बैच के टॉपर रहे। उसके बाद छात्रवृत्ति पाकर आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय चले गए।
