20 से अधिक विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले छात्र - छात्राओं को किया जायेगा सम्मानित

20 से अधिक विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले छात्र - छात्राओं को किया जायेगा सम्मानित
भोपाल,09 जुलाई 2023 I ‘राज्य शिक्षा सम्मान’ 2023  एक ऐसा वार्षिक सम्मान, जिसका नाम ही युवाओं को गर्वित कर देता है।  ‘राज्य शिक्षा सम्मान’ के अंतर्गत छात्रों को, उनके अनुकरणीय प्रदर्शन, निष्ठा और समर्पण के लिए सम्मानित किया जा रहा है। ‘राज्य शिक्षा सम्मान’ का लक्ष्य उत्कृष्टता के साथ उपलब्धि हासिल करने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करना है। और इस सम्मान का  शुभारम्भ भारत के हृदय ‘मध्यप्रदेश’ से किया जा रहा है। ‘राज्य शिक्षा सम्मान’ का लक्ष्य, किसी एक राज्य तक सीमित न रह कर समग्र भारत के छात्रों को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित करना है।

शिक्षा मात्र वैयक्तिक विकास नहीं, अपितु, अग्रिम समाज की धात्री है - सुश्री शालिनी गुप्ता
‘राज्य शिक्षा सम्मान’ इस अनूठे अभियान की नींव संस्थापक शालिनी गुप्ता ने रखी। राज्य शिक्षा सम्मान’ सह-संस्थापक के पद को संभाले हुए अखिलेश तिवारी ने उनका साथ दिया। ‘राज्य शिक्षा सम्मान’ को आकार देने में अखिलेश तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। “वर्तमान में ही भविष्य की नीव रखी जा सकती है” ऐसा मानने वाले अखिलेश युवाओं, छात्रों और अभ्यार्थियों में देश का भविष्य देखते हैं।
राज्य शिक्षा सम्मान के शुभारम्भ के अवसर पर भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए शालिनी गुप्ता ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसा करना चाहती थीं जिससे छात्रों के मन में अध्ययन के प्रति उत्साह बना रहे। उनके मस्तिष्क पटल पर हमेशा छात्रों के शैक्षिक विकास और दृढ़-विश्वास को बनाए रखने का जुनून सवार रहता। इसी जुनून के कारण उनके मन में ‘राज्य शिक्षा सम्मान’ आयोजित करने का विचार जागृत हुआ, जिससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों के साथ-साथ अन्य अभ्यार्थियों को भी प्रोत्साहन मिल सके।

सुश्री शालिनी गुप्ता ने कहा कि  “शिक्षा मात्र वैयक्तिक विकास नहीं, अपितु, अग्रिम समाज की धात्री है।”  मध्यप्रदेश ने सामाजिक प्रगति और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षण प्रदान करने में अपना अलग ही स्थान बनाया है और इसके लिए ‘शिक्षा’ प्रमुख कारण है। विभिन्न राज्यों से बालक-बालिकाएँ शिक्षा-अध्ययन के लिए यहाँ आते हैं; साथ लाते हैं अपनी संस्कृति और सभ्यता। यही मध्यप्रदेश के व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ सामाजिक विकास की कुंजी है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विभिन्न अकादमी और  शैक्षणिक संस्थान ऑनलाइन माध्यम या मूर्त रूप में महत्ती भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ लैंगिक विषमता निराधार है। अभ्यार्थी चाहे बालक हो या बालिका; वे शिक्षार्थी ही हैं और समानता से शिक्षा प्राप्त कर नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। इन अकादमियों का उद्देश्य भी छात्रों में परस्पर सम्मान और तटस्थता की भावना निर्मित करते हुए उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करना है, ताकि वे अपने समुदायों और समग्र समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने में सक्षम हों।

शालिनी गुप्ता ने कहा कि  अभ्यार्थी अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिए दिन-रात एक कर देता है। चैन-सुकून तो उसके शब्दकोष में होता ही नहीं। यह लक्ष्य उसके अकेले के लिए नहीं अपितु परिवार, समाज, राज्य और राष्ट्र को एक स्तर ऊपर उठाने के लिए होता है। इन शिक्षार्थी और युवाओं की उन्नति में ही राष्ट्र की उन्नति है। उनके परिश्रम की गाथा दुनिया का हर नागरिक जाने; इसी प्रयोजन से ‘राज्य शिक्षा सम्मान’ आयोजित करने का विचार मन में उपजा। अपने प्रयासों से राज्य और देश का गौरव बढ़ाने वाले छात्रों की उत्कृष्टता के प्रति सम्मान प्रकट करना ‘राज्य शिक्षा सम्मान’ है का उद्देश्य है।

विश्वविद्यालय एवं अकादमी के मेधावी छात्रों के सम्मान का एकमात्र उद्देश्य, मध्यप्रदेश के  अन्य विद्यार्थियों को, शैक्षिक अनुशासन बरकरार रखते हुए; प्रोत्साहित करना है। इस माध्यम से वे प्रत्यक्ष या प्ररोक्ष रूप से, अन्य बालक-बालिकाओं को उत्कृष्टता की दिशा में  प्रयास करने के लिए प्रेरित करेंगे, जोकि अंततः राज्य की प्रगति और उन्नति में सहायक होगा; साथ ही समग्र रूप से उत्कृष्ट राष्ट्र का निर्माण करेंगा ।
शालिनी गुप्ता ने आगे कहा कि ‘राज्य शिक्षा पुरस्कार’ उन छात्रों की प्रतिभा, अथक प्रयास, समर्पण और उन छात्रों की प्रतिबद्धता को पहचान कर उत्साह को दोगुना करने का अभूतपूर्व अवसर है।  हम सम्पूर्ण मध्यप्रदेश और भारत राष्ट्र को इस अनमोल प्रयास का साक्षी बनने के लिए सहृदय आमंत्रित करते हैं।

‘राज्य शिक्षा सम्मान’ के लिए इन्हे किया जाएगा सम्मिलित  
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में राज्य में मेधावी छात्र-छात्राएँ, पीसीएस परीक्षा में राज्य में प्रथम आए छात्र, आईटीआई परीक्षा में राज्य में प्रथम आए छात्र/मेधावी छात्र-छात्राएँ, जेईई परीक्षा में राज्य में  प्रथम आए छात्र/मेधावी छात्र-छात्राएँ, नीट (NEET) परीक्षा में राज्य में प्रथम आए छात्र/मेधावी छात्र-छात्राएँ, 10वीं परीक्षा में राज्य में प्रथम आए छात्र/मेधावी छात्र-छात्राएँ, 12वीं परीक्षा में राज्य में प्रथम आए छात्र/मेधावी छात्र-छात्राएँ, स्नातक स्तर पर राज्य में प्रथम आए छात्र/मेधावी छात्र-छात्राएँ, स्नातकोत्तर स्टार पर राज्यस्तर पर प्रथम आए छात्र/मेधावी छात्र-छात्राएँ, कला एवं संगीत के क्षेत्र में इन्हे शामिल किया गया है I

क्या है आरिशा  कंसल्टेंट्स एडवाइज़र्स एल.एल.पी.          
संस्था एक चार्टर्ड एकाउंटेंट कंसल्टेंसी के रूप में विभिन्न व्यवसायों एवं व्यवसायियों के लिए, व्यापक वित्तीय प्रबंधन एवं समाधान प्रदान करने में प्रयत्नरत हैं। संस्था अपने अनुभवी और जानकार सदस्यों के साथ मिलकर, लेखा, कराधान, वित्तीय रिपोर्टिंग और वित्त संबंधी समस्त प्रबंधन सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती है। ‘आरिशा  कंसल्टेंट्स एडवाइज़र्स’ की बागडोर जिन युवा हाथों में हैं उनमें प्रमुख हैं संस्था के निदेशक श्री अखिलेश तिवारी और सुश्री शालिनी गुप्ता। दोनों युवा अपने उन्नत और उन्मुक्त विचारों के साथ ‘आरिशा कंसल्टेन्सी’ को एक नई दिशा प्रदान करने के लिए तन-मन से अर्पित हैं।

क्या काम करती है संस्था
कंपनियों के वित्तीय विवरणों पर एक स्वतंत्र राय प्रदान करना, कमजोरियों की पहचान कर सुधारों के लिए सुझाव देना तथा आंतरिक नियंत्रणों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करना, टैक्स से संबंधित मामलों पर सलाह देना, निवेश रणनीतियों और जोखिम प्रबंधन पर सलाह प्रदान करना, व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए रणनीति विकसित करना और कॉर्पोरेट लेनदेन के अन्य वित्तीय पहलुओं पर सलाह प्रदान जैसे कार्य करती है I
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