भोपाल। भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित शासकीय अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में बीते तीन दिन से विद्यार्थियों को भोजन नहीं मिला है। आलम यह है कि विद्यार्थियों को पानी के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा है। इसे लेकर छात्रावास के कई विद्यार्थी गुरुवार शाम को हाथ में थाली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने थाली लेकर प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं
विद्यार्थियों ने कहा कि पिछले छह माह से छात्रावास में हो रही अनियमितताओं के विरुद्ध अधीक्षक से शिकायत की गई है, लेकिन कोई निराकरण नहीं हो पा रहा है। विद्यार्थियों ने बताया कि छात्रावास में साफ पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण शौचालय के नलों से पानी लेकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। इसके कारण कई छात्र गंभीर रूप से बीमार हुए हैं। इसकी सूचना अधीक्षक को दी गई है, लेकिन उन्होंने छात्रों की शिकायत को नजरअंदाज कर दिया। छात्रावास में सोने के लिए बेड भी नहीं है। ऐसे में यहां रहने वाले कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोनू अहिरवार, केशव मौर्या, पवन अहिरवार, संजय प्रजापति सहित अन्य विद्यार्थियों ने अधिकारी को छात्रावास से संबंधित अन्य अव्यवस्थाओं के बारे में कहा कि छात्रों के पास सोने के लिए बेड और पढ़ने के लिए मेज नहीं है। इस कारण पढ़ने और सोने में परेशानी हो रही है। खाने की गुणवत्ता बहुत खराब है। कुछ दिनों से जब परेशानी बढ़ गई तो छात्रावास में मेस व्यवस्था बंद कर दी गई।
छात्रावास अधीक्षक को हटाने की मांग
विद्यार्थियों के मुताबिक छात्रावास अधीक्षक का कहना है कि शासन स्तर से अब तक किसी प्रकार का बजट नहीं मिला है, इसलिए सब अपने खाने का इंतजाम या तो खुद करें या छात्रावास छोड़ दें। उनकी मांग है कि छात्रावास के अधीक्षक संजय गौतम को पद से हटाया जाए और छात्रावास में नए अधीक्षक को प्रभार दिया जाए।
विद्यार्थियों ने की नारेबाजी
कलेक्ट्रेट पहुंचे विद्यार्थियों ने नारेबाजी भी की। स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक पासवान ने कहा कि राज्य सरकार को छात्रावास के संचालन बजट को बिना किसी रुकावट के तत्काल जारी करना चाहिए। साथ ही इस बजट को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है, ताकि हर छात्र भरपेट खाना खा पाए।
विद्यार्थियों की ये हैं मांगें
-छात्रावास में स्वच्छ एवं साफ पानी की व्यवस्था की जाए। अधूरे भोजन की जगह पूर्ण भोजन दिया जाए।
-अधीक्षक द्वारा छात्रों को प्रताड़ित करना अनुचित है। इसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
-समय-समय पर निरीक्षक दल द्वारा छात्रावास की जांच की जानी चाहिए, जिससे छात्र अपनी समस्याएं उनके सामने रख सकें।
-छात्रावास के अपर्याप्त बजट को बढ़ाया जाना चाहिए एवं बजट को तुरंत रिलीज किया जाना चाहिए।
-छात्रावास में दिए जा रहे खाने की गुणवत्ता को सुधारा जाना चाहिए।











