कर्मचारियों की आज प्रदेशव्यापी हड़ताल, कुछ संगठनों ने दूरी भी बनाई

कर्मचारियों की आज प्रदेशव्यापी हड़ताल, कुछ संगठनों ने दूरी भी बनाई
भोपाल। पुरानी पेंशन बहाली और पदोन्नति पर रोक हटाने सहित 39 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को प्रदेशभर में कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताली कर्मचारी राजधानी में सतपुड़ा भवन के समक्ष सभा करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। कर्मचारियों ने दावा किया है कि इस दौरान कई कार्यालयों के ताले नहीं खुलेंगे, तो वाहन चालकों के न जाने से मंत्री-विधायक व अधिकारियों के वाहनों के पहिये जाम हो जाएंगे। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि इसके बाद भी सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा।

इन संगठनों ने किया हड़ताल का आह्वान

मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी मोर्चा और तृतीय वर्ग, लिपिक, वाहन चालक, लघु वेतन कर्मचारी, पेंशनर सहित एक अन्य कर्मचारी संघ ने हड़ताल का आह्वान किया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने बताया कि कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर रहेंगे। प्रदेश के समस्त विभागों में कार्यरत कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश के आवेदन अपने विभाग प्रमुख को सौंप दिए हैं। कर्मचारियों ने हड़ताल की सफलता के लिए गुरुवार को विंध्याचल भवन में गेट मीटिंग भी की।

इन्होंने हड़ताल से बनाई दूरी

हालांकि, राजपत्रित अधिकारी संघ, न्यू बहुद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता संघ, आइटीआइ तकनीकी कर्मचारी संघ, पंचायत सचिव संगठन ने हड़ताल से दूरी बना ली है। इन संगठनों ने विज्ञप्ति जारी कर रहा है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं रहेंगे।

ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें

- लिपिकों को 2400, 2800, 3200 के स्थान पर मंत्रालय के समान 2800, 3600, 4200 ग्रेड पे का लाभ मिले।

पुरानी पेंशन बहाल की जाए, पदोन्नति पर सात साल से लगी रोक हटाई जाए।

- सेवानिवृत कर्मचारियों को धारा-49 से छूट दी जाए एवं महंगाई राहत का पिछला बकाया दिया जाए।

- वाहन भत्ता एवं मकान किराया भत्ता सातवें वेतनमान के अनुसार दिया जाए।

- महंगाई भत्ते की बकाया राशि खातों में जमा की जाए।

- कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि पहले की भांति की जाए।

- सीपीसीटी का बंधन समाप्त किया जाए।

- आउटसोर्स प्रथा बंद कर नियमित नियुक्ति ही की जाए।
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