दुर्ग / पूरे देश में देवारी तिहार और गोवर्धन पूजा का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और परंपरागत उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दुर्ग ज़िले के प्रमुख समाजसेवी इंद्रजीत सिंह (छोटू) ने भी अपने सहयोगियों और समाज के सदस्यों के साथ इस पावन पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया। उन्होंने परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार गौरा-गौरी और गोवर्धन पूजा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न की और नगरवासियों की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की।
पूजा कार्यक्रम में श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक गीतों और नृत्य की धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पूजा में भाग लिया, वहीं युवाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान और उत्साह व्यक्त किया।
इंद्रजीत सिंह ने इस अवसर पर कहा कि देवारी तिहार और गोवर्धन पूजा हमारे भारतीय संस्कारों, प्रकृति के प्रति आदर और गौ-सेवा की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें एकता, सहयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने में अग्रणी भूमिका निभाएं ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन मूल्यों से जुड़ी रहें।
कार्यक्रम के दौरान इंद्रजीत सिंह ने सांटा का प्रहार झेलने की परंपरा का निर्वहन भी किया, जिसे साहस, शक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। यह प्रथा लोकआस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें व्यक्ति स्वयं पर हल्का प्रहार झेलकर देवताओं की आराधना करता है। इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और जयघोष के साथ अपने भाव प्रकट किए।











