सामाजिक बुराइयां रोकने के लिए युवाओं की मदद लेगी सिंधी पंचायत

सामाजिक बुराइयां रोकने के लिए युवाओं की मदद लेगी सिंधी पंचायत
भोपाल। पूज्य सिंधी पंचायत ने सामाजिक बुराइयां रोकने के लिए युवाओं की मदद लेने का निर्णय लिया है। पंचायत का मानना है कि यदि प्रारंभ से ही युवाओं को समाज के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराया जाएगा तो भविष्य में वे समाज को बेहतर ढंग से अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

पंचायत ने कोरोना काल के समय पगड़ी रस्म की नई व्यवस्था लागू की थी। यह व्यवस्था अब भी लागू है। अब कुल ब्राह्मण निर्धारित समय से 10 मिनट पहले ही पगड़ी पहनाने की रस्म पूरी कर देते हैं। शोक व्यक्त करने आए लोग मृतक के छायाचित्र पर पुष्‍पांजलि अर्पित कर परिवार के सदस्यों के सामने से हाथ जोड़कर रवाना हो जाते हैं। इस व्यवस्था से एक साथ भीड़ नहीं लग रही। लेकिन पिछले कुछ समय से लोग शोकसभा में ही स्वल्पाहार की व्यवस्था भी करने लगे हैं। पंचायत के अध्यक्ष साबू रीझवानी के अनुसार पगड़ी रस्म एवं शोकसभा में स्वल्पाहार रखना उचित नहीं है। इसे रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अब पंचायत के युवा सदस्यों से सहयोग लिया जाएगा।

इन बुराइयों को भी दूर करने का प्रयास

पंचायत ने मृत्युभोज रोकने के लिए गंभीरता से प्रयास करने का निर्णय लिया है। रीझवानी के अनुसार तेरहवीं पर भोज रोकने के लिए पंचायत के पदाधिकारी पिछले सात साल से मृत्युभोज में शामिल नहीं हो रहे हैं। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं, लेकिन अब भी कुछ लोग मृत्यु भोज कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही नेत्रदान को बढ़ावा देने एवं मांगलिक आयोजन में फिजूलखर्ची रोकने के लिए भी आग्रह अभियान शुरू किया जाएगा। पंचायत के महासचिव माधु चांदवानी एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत आसवानी का कहना है कि सामाजिक बुराइयों दूर करने का अभियान सभी के सहयोग से ही सफल हो सकता है, इसलिए युवाओं की भी मदद ली जाएगी।
Advertisement