सिंधी पंचायत की मांग, संत हिरदाराम नगर के पास के इलाके को आवासीय न किया तो पिछड़ जाएगा उपनगर

सिंधी पंचायत की मांग, संत हिरदाराम नगर के पास के इलाके को आवासीय न किया तो पिछड़ जाएगा उपनगर
भोपाल । संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) के समुचित विकास के लिए सीहोर नाका क्षेत्र एवं पास के गावों की जमीन को आवासीय एवं व्यवसायिक घोषित न किया गया तो यह उपनगर पिछड़ जाएगा। मास्टर प्लान में पहले से आवासीय घोषित जमीन को जलभराव क्षेत्र घोषित करना ठीक नहीं है। पूज्य सिंधी पंचायत ने मास्टर प्लान ड्राफ्ट में संशोधन के लिए नगर एवं ग्राम निवेश विभाग को यह सुझाव दिया है। पंचायत ने इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात करने का निर्णय भी लिया है।

उपनगर ले रहा विस्तार

सिंधी पंचायत महासचिव माधु चांदवानी का कहना है कि बैरागढ़ की बसाहट एवं विस्तार के लिए अब सीहोर नाका एवं इसके बाद का इलाका ही बचा है। यहां धीरे-धीरे व्यवसायिक गतिविधियां शुरू हो रही हैं, लेकिन विधिवत अनुमति नहीं मिलती। यह ठीक नहीं है। सिंधी समाज सेवा ट्रस्ट ने भी जमीन को कृषि एवं कैचमेंट घोषित करने का विरोध करते हुए नगर एवं निवेश विभाग में आपत्ति दर्ज कराई है।

किसान एवं व्यापारी संगठन भी नाखुश

किसान भी जमीन को कैचमेंट में शामिल किए जाने से नाराज हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोहर सिंह ठाकुर कहते हैं कि किसानों की जमीन का दाम कम हो रहा है, विकास भी थम जाएगा। कपड़ा संघ के पूर्व अध्यक्ष त्रिलोक दीपानी ने कहा है कि 2005 के मास्टर प्लान में सीहोर रोड की जमीन को प्लानिंग एरिया में शामिल किया गया था। इससे स्पष्ट था कि यहां पर कालोनियों एवं व्यवसायिक क्षेत्र विकसित होने थे। नए ड्राफ्ट में इसे कृषि व कैचमेंट घोषित किया गया है। इससे क्षेत्र का विकास थम जाएगा। विस्तार के लिए भूमि प्रयोजन आवासीय एवं व्यवसायिक किया जाए।

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