सिंधी विस्थापित परिवारों को पट्टों के लिए करना होगा नई सरकार बनने तक इंतजार, नवीनीकरण भी रुका

सिंधी विस्थापित परिवारों को पट्टों के लिए करना होगा नई सरकार बनने तक इंतजार, नवीनीकरण भी रुका
भोपाल। राज्य शासन के आदेश पर सिंधी विस्थापित परिवारों को पट्टे देने की प्रक्रिया में सुधार किया गया, लेकिन इसका लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है। वर्तमान में आदर्श आचार संहिता के कारण वन ट्री हिल्स क्षेत्र की लीज नवीनीकरण का मामला भी अटक गया है। अब नई सरकार के गठन के बाद ही यह काम होने की उम्मीद है।

शिविर लगाकर लिए आवेदन, अधिकांश लंबित

जिला प्रशासन ने पिछले दिनों पट्टों के लिए विशेष शिविर लगाया था। सबसे पहले विस्थापितों से आवेदन लिए गए। बाद में धारणा अधिकार आदेश के तहत बढ़े हुए हिस्से का पट्टा देने के लिए आवेदन लिए गए। कुछ अपवाद छोड़कर अधिकांश आवेदन लंबित हैं। विस्थापितों से तय प्रक्रिया के अनुसार रिफ्यूजी कार्ड, रजिस्ट्री या स्वामित्व के दस्तावेज, बिजली के पुराने बिल, पानी के बिल, पुराना पट्टा आदि दस्तावेज मांगे गए थे। जिन मामलों में पुराने पट्टाधारक की मृत्यु हो चुकी है, उन मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र एवं वसीयत आदि मांगे जा रहे हैं। पंचायत ने शिविर में आए लोगों को इस बारे में जानकारी दी थी। धारणा आदेश के तहत आवेदन शुल्क 140 रुपये भी जमा कराए गए, पर सर्वे होने से पहले ही आचार संहिता लग गई।

बाजार मूल्य का 5 फीसदी देना होगा

प्रमुख सचिव राजस्व अरुण पांडेय के हस्ताक्षर से जारी दिशा-निर्देश के अनुसार कुछ विस्थापित ऐसे हैं, जिनके पास न तो रिफ्यूजी कार्ड है और न ही कब्जे का कोई दस्तावेज है लेकिन मौके पर वह आवासीय या अन्य प्रयोजन में भूखंड का उपयोग कर रहे है। ऐसे लोगों को वर्तमान वर्ष की कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर आवासीय प्रयोजन के लिए बाजार मूल्य के 5 प्रतिशत की दर से भू-भाटक राशि लेकर 30 साल की अवधि के लिए पट्टे दिया जाना है। आदेश के अनुसार आवासीय प्रयोजन से अन्य प्रयोजन होने की दशा में बाजार मूल्य के 20 फीसदी राशि एवं 7.5 फीसदी वार्षिक दर से भू-भाटक की राशि लेकर पट्टा देने का प्रविधान किया है। धारणा अधिकार आदेश इससे अलग है।
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