भोपाल। सावन माह में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन भक्ति भाव के साथ किया गया। कथा के आयोजक संजय मालपानी एवं दीपक मालपानी ने बताया कि जैन मंदिर मंगलवारा में आयोजित भागवत कथा का समापन अवसर पर 1111 दीपों की महाआरती की गई। हवन एवं महाप्रसादी का आयोजन किया गया। कथावाचक रमाकांत भार्गव जी ने सभी भक्तों को सावन मास पर पौधारोपण करने का संकल्प दिलाया। सभी भक्तों को पौधे का वितरण किया। समापन अवसर पर पार्षद पूजा शर्मा, साहू समाज भोपाल के संयोजक अनिल कुमार साहू अकेला, महेश्वरी समाज के अध्यक्ष सतनारायण बांगड़, कैट के पूर्व प्रवक्ता विवेक साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कर्म ही साथ जाते हैं इसलिए उन्हें ठीक रखना चाहिए : हरिराय महाराज
समर्पण भाव से मांगो तो भगवान सर्वस्व दे देते हैं। इसके साथ ही मनुष्य को अपने कर्मों को ठीक करना चाहिए, क्योंकि अंतिम समय में कर्म ही साथ जाते हैं । बाकी सब यहीं छूट जाता है। यह बात गोस्वामी हरि राय महाराज जी ने अग्रवाल विश्रांति भवन में चल रही श्रीमद् भागवत सप्ताह के तीसरे दिन कही। उन्होंने उदाहरण देते कहा कि एक राजा के चार रानियां थीं। जब अंतिम समय आया तो राजा ने उन्हें अपने साथ चलने के लिए कहा। लेकिन शरीर, नाते - रिश्तेदार और धन्य- संपदा रूपी पत्नियों ने चलने से मना कर दिया। केवल एक कर्म रूपी पत्नी ऐसी थी जिसने कहा राजन मैं आपके साथ चलने के लिए तैयार हूं। अंत में कर्म रूपी पत्नी के साथ ही राजा को सद्गति मिली। इसलिए मनुष्य को अपने कर्म पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।











