मध्‍य प्रदेश में भाजपा की विजय में शिवराज की भी अहम भूमिका, यह किया छिंदवाड़ा में

मध्‍य प्रदेश में भाजपा की विजय में शिवराज की भी अहम भूमिका, यह किया छिंदवाड़ा में

भोपाल। पिछले लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा छोड़ सभी सीटें जीतने के बाद से ही भाजपा ने ठान लिया था कि उसके लिए अब सभी 29 सीटें जीतने की राह आसान है। तब छिंदवाड़ा से नकुल नाथ 35 हजार मतों से ही जीत पाए थे। ऐसे में पार्टी को भरोसा था कि कांग्रेस से यह सीट छीनना भी उसके लिए कठिन नहीं है।

मुख्यमंत्री रहते हुए छिंदवाड़ा की जनता को लुभाने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने यहां कई बड़े काम किए। यहां उनके लगातार दौरे होते रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को यहां की सात में एक भी सीट नहीं मिली तो पार्टी ने पूरी ताकत इस सीट पर लगाना शुरू किया। चुनाव के दूसरे दिन ही शिवराज सिंह चौहान ने यहां बड़ी जनसभा कर छिंदवाड़ा सहित सभी सीटें जीतने बात दोहराई। वह विधानसभा चुनाव के पहले से दावा कर रहे थे कि 2024 में प्रदेश की सभी सीटों पर कमल खिलेगा।

आखिरकार उनका दावा सही साबित हुआ।
वह 20 वर्ष बाद विदिशा सीट से चुनाव मैदान में उतरे, पर शुरू से ही उनकी तैयारी जीत का रिकार्ड बनाने की थी। आखिरकार उन्होंने प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। आठ लाख 21 हजार 408 मतों से जीते। सबसे बड़ी जीत  इंदौर से भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी की 11 लाख 75 हजार 92 मतों की रही। हालांकि,  इंदौर में कांग्रेस से कोई प्रत्याशी नहीं था, जबकि शिवराज सिंह चौहान का मुकाबला कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रताप भानू शर्मा से था। शिवराज शुरू से ही अपनी रिकार्ड जीत के प्रति आश्वस्त थे। यहीं कारण है कि उन्होंने प्रदेश के 29 लोकसभा क्षेत्रों में से 21 में 66 जनसभाएं और 16 रोड-शो किए। उनके प्रचार का तरीका भी भावनात्मक अंदाज वाला रहता था। कई बार यह कहकर भावुक भी हुए कि उनका तन बहन-बेटियों के लिए है।
Advertisement