शिप्रा उफनी, राम घाट के मंदिर और छोटा पुल जलमग्न, तीन दिन में तीन इंच बरसात

शिप्रा उफनी, राम घाट के मंदिर और छोटा पुल जलमग्न, तीन दिन में तीन इंच बरसात

उज्जैन। रुक-रुककर लगातार तीन दिन हुई बरसात ने शुक्रवार को मोक्षदायिनी शिप्रा नदी को उफान पर ला दिया। इससे राम घाट पर बना छोटा पुल और कई मंदिर पानी में समा गए। नालियां चौक होने से कई सड़कों पर लंबे समय तक पानी जमा रहा। इससे आवाजाही बाधित हुई। कई लोगों ने जान जोखिम में डालकर पुल पार किया। बरसात के कारण शहर का मौसम सुहाना हुआ और लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। जीवाजी वेधशाला के अनुसार शहर में 48 घंटों में 3 इंच से अधिक बरसात हुई है। इससे इस सीजन में हुई बरसात का आंकड़ा बढ़कर 34.24 इंच पहुंच गया है। ये आंकड़ा औसत बरसात 36 इंच से करीब है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी बरसात होने का अनुमान जताया है। बरसात का असर मौसम पर भी पड़ा है। तीन दिन में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री से लुढ़ककर 26.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा है। रात के तापमान में भी फर्क महसूस हुआ है।

गौतम मार्ग के निवासियों पर मुसीबत बन बरसा पानी

गौतम मार्ग के निवासियों पर बरसात मुसीबत बनकर बरसी। बरसात की वजह से उनके क्षतिग्रस्त आवासों की छत से पानी टपका, दीवारों से रीसा। सीद-गर्मी के कारण कुछ बीमार भी हुए। नगर निगम द्वारा यहां किया जा रहा मार्ग चौड़ीकरण का काम बंद हो गया। मार्ग पर पानी भराने से आवाजाही बाधित हुई। बिजली गुल होने की शिकायत भी रही। मालूम हो कि महापौर ने अक्टूबर तक इस मार्ग को चौड़ा करने के निर्देश ठेकेदार और निगम इंजीनियर को दिए हैं। बाक्सशहरी सीमा से सटी कालोनियों में भी हाल बेहाल बरसात से शहरी सीमा से सटी कालोनियों का हाल भी बेहाल रहा।

कई कालोनियों में घुटनों तक पानी भराया

नागरिकों ने कहा कि शिकायतों के बाद भी नगर निगम की ओर से जल जमाव की समस्या का निदान नहीं किया गया। कुछ सप्ताह पहले महापौर ने निरीक्षण कर स्थायी बंदोबस्त के निर्देश दिए थे, पर निर्देश पर अमल नहीं हुआ। आधी समस्या नालियों की नियमित सफाई कराने से हल हो सकती है, मगर कराई नहीं जा रही। अफसर, जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। बाक्सगंभीर बांध में भी पानी बढ़ा, एक गेट खोलना पड़ा बरसात का असर गंभीर बांध पर भी पड़ा। गंभीर जलाशय में दो दिनों में 80 मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी आया और आवक लगातार जारी रही।

ऐसे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने लेवल 2145 एमसीएफटी पर मैंटेन रख दोपहर 1 बजे गंभीर बांध का एक गेट खोलकर अतिरिक्त पानी शिप्रा में मिलने छोड़ा। ये गेट देर शाम तक खुला रहा।जिले में अब तक 25 इंच से अधिक बरसातकलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा के अनुसार जिले में अब तक 25.36 इंच (634 मिलीमीटर) बरसात हो चुकी है। ये गत वर्ष हुई 37.96 इंच से कम है। बीते 24 घंटों में उज्जैन तहसील में 95 मिलीमीटर, घटि्टया में 32, खाचरौद में 46, नागदा में 41, बड़नगर में 51, महिदपुर में 22, झारड़ा में 49, तराना में 49 और माकड़ौन में 20 मिलीमीटर बरसात हुई है।

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