शरद पवार बोले- लोग जानते हैं NCP किसने बनाई:भाजपा ने ED-CBI का इस्तेमाल करके पार्टी तोड़ी

शरद पवार बोले- लोग जानते हैं NCP किसने बनाई:भाजपा ने ED-CBI का इस्तेमाल करके पार्टी तोड़ी

NCP शरदचंद्र पवार के चीफ शरद पवार का कहना है कि उनकी पार्टी ही असली NCP है। आजतक को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कोई भी कह सकता है असली NCP हम हैं। लेकिन लोगों को पता है कि NCP किसने बनाई, किसने इन्हें मंत्री बनाया। लोग इन पर हंस रहे हैं। हम बीजेपी के खिलाफ लड़े और जीते, अब वे (अजित पवार) बीजेपी के साथ खड़े हैं।

शरद पवार ने आगे कहा कि कुछ अवसरवादी लोग अब वो बीजेपी के साथ खड़े हैं। ये लोग मुझे कहते थे कि अगर हम नहीं जाएंगे तो हम पर ईडी एक्शन लेगा।

उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर कहा कि मोदी का जो करिश्मा पहले था, अब वैसा नहीं रहा। महाराष्ट्र में कम से कम 50 प्रतिशत सीटें हम जीतेंगे।

भाजपा ने ED-CBI का इस्तेमाल करके पार्टी तोड़ी है
शरद पवार का कहना है कि भाजपा ने ED का इस्तेमाल करके कुछ ऐसे कदम उठाए जिसकी वजह से हमारे साथी उनके कहने पर चले गए। BJP को मालूम था कि महाराष्ट्र में वो नहीं जीत सकते इसलिए ED, CBI का इस्तेमाल कर ये कदम उठाए गए। महाराष्ट्र में जो हुआ है, लोगों को ये बिलकुल पसंद नहीं आ रहा है। लोगों को डराकर साथ में लाना पसंद नहीं किया जा रहा है।

सुप्रिया बोलीं- भाजपा शरद पवार को खत्म करना चाहती है
पवार की बेटी सांसद सुप्रिया सुले का कहना है कि भाजपा शरद पवार को राजनीतिक रूप से खत्म करना चाहती है। बारामती लोकसभा सीट से उनके खिलाफ भाभी सुनेत्रा पवार को उतारना भाजपा की चाल है।

सुप्रिया ने कहा- सुनेत्रा मेरे बड़े भाई (अजित पवार) की पत्नी हैं और बड़ी भाभी को मां समान माना जाता है। पवार परिवार के अंदर की लड़ाई से भाभी सुनेत्रा के प्रति मेरा सम्मान कम नहीं होगा। वह हमेशा मेरे लिए मां जैसी ही रहेंगी।

NCP अजित गुट ने 30 मार्च को डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को बारामती से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इसी सीट से NCP शरद गुट ने शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को टिकट दिया है।

सुप्रिया बारामती से तीन बार की सांसद हैं। उन्होंने पहली बार 2009 में चुनाव जीता था। फिर 2014 और 2019 में यहां से जीत दर्ज की। अजित, शरद पवार के भतीजे हैं। इस रिश्ते से वे सुप्रिया के भाई और सुनेत्रा भाभी हैं।

बारामती सीट 60 के दशक से पवार परिवार का गढ़
बारामती 1960 के दशक से पवार परिवार का गढ़ रहा है। शरद पवार ने 1967 में पहली बार बारामती से विधानसभा चुनाव जीता था। वे 1972, 1978, 1980, 1985 और 1990 के विधानसभा चुनाव में यहां से लगातार जीते। 1991 से अब तक अजित पवार यहां के विधायक हैं।

शरद 1991, 1996, 1998 और 2004 में बारामती के सांसद रहे। ​​​​​उन्होंने ​2009 में अपनी बेटी सुप्रिया को ये सीट सौंप दी थी। पुणे जिले के बारामती लोकसभा क्षेत्र में बारामती, इंदापुर, दौंड, पुरंदर, भोर और खडकवासला विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।


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