'ओम शांति ओम' की प्रीमियर वाली रात में वह एक रिपोर्टर को विमी कहकर पुकारते हैं। ऐसा कहा जाता है कि विमी की जिंदगी भी 'ओम शांति ओम' की 'शांतिप्रिया' (दीपिका पादुकोण) की तरह थी। वह डेब्यू फिल्म से रातोंरात स्टार बन गई थीं। लेकिन धीरे धीरे जिंदगी ऐसे मोड़ पर आ गई कि वह गायब ही हो गईं।
ओम शांति ओम से विमी का कोई संबंध?
'ओम शांति ओम' से विमी का कनेक्शन का एक कारण और है। शाहरुख और दीपिका की ये फिल्म साल 2007 में रिलीज हुई थी। फिल्म का पहला फर्स्ट हाफ 30 साल पहले का सेट है और विमी की मौत साल 1977 में हुई थी। अब आप अंदाजा खुद ही लगा लीजिए कि इस कनेक्शन में दम है कि नहीं।
नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्म में किया था काम
एक्ट्रेस विमी पंजाबी सिख फैमिली से आती थीं। उन्हें सुनील दत्त के अपोजिट 'हमराज' फिल्म से फेम मिला था। फिल्म को बीआर चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। ये फिल्म इतनी हुई हुई थी कि विमी रातोंरात स्टार बन गई थीं। इसके बाद वह 'पतंगा', 'वचन', 'नानक नाम जहाज है', 'गुड्डी' (कैमियो), 'प्रेम गंगाराज' और 'क्रोधी' जैसी फिल्मों में नजर आई थीं। Nanak Nam Jahaz Hai को तो नेशनल अवॉर्ड भी मिला था।
क्यों विमी हो गईं गुमनाम
विमी जितनी तेजी से मशहूर हुई थीं उतनी ही तेजी से उनका करियर भी सिमटता चला गया। कई फिल्में बैक टू बैक फ्लॉप साबित हुई, जिसकी वजह से उनका करियर डाउनफॉल पर आ पहुंचा। नतीजा ये था कि फ्लॉप फिल्मों के चलते उन्हें नई फिल्में मिलना बंद हो गया। देखते ही देखते वह भी गुमनाम हो गईं।
विमी की शादी और पति पर आरोप
विमी जहां करियर में अपनी परेशानियों का सामना कर रही थीं तो उनकी पर्सनल लाइफ में भी काफी उतार चढ़ाव थे। कलकत्ता के बिजनेसमैन शिव कुमार के साथ विमी ने शादी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमी के कामकाज में उनके पति की दखलअंदाजी जरूरत से ज्यादा थी। वही डिसाइड करते थे कि पत्नी कौन सी फिल्म करें और कौन सी नहीं। नतीजा ये था कि पति की वजह से उनका स्टारडम कम होने लगा। ये सब परेशानियां इतनी बढ़ गई थीं कि विमी ने पति से अलग होने का फैसला लिया।











