भोपाल । वर्षा का दौर शुरू होते ही संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में सीवेज लाइनें चोक होने की समस्या फिर से शुरू हो गई है। बढ़ती आबादी के लिहाज से सीवेज लाइनें छोटी साबित हो रही हैं। नागरिकों को अब नई लाइनें बिछाने का इंतजार है। नगर निगम ने अमृत-2 योजना के तहत क्षेत्र की सभी लाइनों को बदलने का प्रस्ताव बनाया है, लेकिन योजना में विलंब के कारण परेशानी बढ़ गई है।
गौरतलब है कि बैरागढ़ में चंचल रोड के पुनर्निर्माण के समय नागरिकों ने सीवेज लाइनें बदलने की मांग रखी थी, लेकिन नगर निगम ने इसे अनसुना कर दिया। नगर निगम ने अन्य स्थानों पर भी मार्ग निर्माण से पहले सीवेज लाइनों को सुधारने की कोई पहल नहीं की। कुछ सड़कों के नीचे बरसों पुरानी लाइनें दबी हैं। आदर्श मार्ग योजना में शामिल बलिदानी प्रेम रामचंदानी मार्ग के कुछ हिस्से में भी बरसों पुरानी पाइप लाइन एवं सीवेज लाइनें दबी हुई है। वर्षा होते ही सीवेज के चैंबरों से गंदगी बाहर आने लगती है। कई बार सामान्य मौसम में भी चैंबर गंदगी उगलते हैं। यही हाल पुराना बी वार्ड क्षेत्र का है। जोन स्तर पर सीवेज प्रेशर मशीन नहीं होने से शिकायतों का त्वरित निदान नहीं हो पा रहा है।
छोटी लाइनों पर बढ़ते बोझ से परेशानी
यहां पर सीवेज लाइनें तीन से चार दशक पहले बिछाई गई थी। आबादी बढ़ने के कारण सीवेज लाइनों पर बोझ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन लाइनें पुरानी हैं। संकरे पाइप होने के कारण आए दिन लाइनें चोक हो जाती हैं। वन ट्री हिल्स से चंचल रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर दुकानों के साथ ही कई घर भी बने हैं। इनका सीवेज पुरानी लाइनों से ही जुड़ा है। यदि पुराने कम व्यास वााले पाइप की जगह नए पाइप लगा दिए जाएं तो नागरिकों को सुविधा हो जाएगी। नगर निगम और पीएचई समय समय पर सुधार कार्य करता है, लेकिन स्थाई हल नहीं निकल पा रहा है। कुछ हिस्से में कुछ चैंबर सड़क के नीचे दब गए हैं, इससे वर्षा का पानी चैंबरों के माध्यम से सीवेज लाइनों में चला जाता है। नगर निगम के सहायक यंत्री सचिन साहू के अनुसार अमृत-दो योजना के तहत सीवेज लाइनों के साथ ही पेयजल लाइनें बदलने का प्रस्ताव है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। जल्द ही काम प्रारंभ होने की संभावना है।











