रिलायंस, अवाडा सहित सात बड़ी कंपनियां ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में करेगी निवेश

रिलायंस, अवाडा सहित सात बड़ी कंपनियां ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में करेगी निवेश
भोपाल। रिलायंस, अवाडा, एनटीपीसी और ओपीजी पावर जनरेशन जैसी सात बड़ी कंपनियां मध्य प्रदेश में ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तीन लाख 71 हजार 200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। निवेश, व्यापार और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (जीआईएस) के पहले दिन सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में मध्य प्रदेश सरकार, प्रमुख कंपनियों और व्यापार निकायों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कुल 3,71,200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए गए।


ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मप्र सरकार के साथ हुए प्रमुख एमओयू

  • एनटीपीसी-एनजीईएल और एमपीपीजीसीएल 1,20 लाख करोड़ के निवेश के साथ प्रदेश में दो गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन इकाई लगाएगा।
  • एनटीपीसी परमाणु 80 हजार करोड़ के निवेश के साथ प्रदेश में दो ग्रीनफील्ड बिजली संयंत्र इकाई स्थापित करेगा।
  • पॉवर फाइनेंस कार्पोरेशन ने पूंजीगत कार्यों के लिए 26 हजार 800 करोड़ रुपये का ऋण समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है।
  • रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कार्पोरेशन ने पूंजीगत कार्यों के लिए 21 हजार करोड़ रुपये का ऋण समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है।
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 60 हजार करोड़ के निवेश के साथ प्रदेश में जैव ईंधन (बायोफ्यूल) आधारित परियोजनाएं लगाएगा।
  • अवाडा कंपनी सोलर, पवन (विंड), हाइब्रिड और पंप हाइड्रो बिजली परियोजनाओं के क्षेत्र में 50 हजार करोड़ का निवेश करेगी।
  • ओपीजी पॉवर जेनरेशन बैटरी स्टोरेज का निर्माण सिस्टम, छोटे माड्यूलर रिएक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, हाइब्रिड पावर उत्पादन (पवन और सौर) में 13 हजार 400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में एमपीआईडीसी के साथ हस्ताक्षरित हुए प्रमुख एमओयू

  • उल्यानोस्क सरकार, रूसी संघ अंतरराष्ट्रीय और विदेशी आर्थिक संबंधों के विकास के लिए समझौता ज्ञापन।
  • सिंगापुर इंडियन चैंबर आफ कामर्स (एसआइसीसीआइ) सीमा पार व्यापार सेवाओं और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता।
  • इंडो-पोलिश चैंबर आफ कामर्स (आइपीसीसीआइ), इंडो-जर्मन चैंबर आफ कामर्स (आइजीसीसी), इंडियन चैंबर आफ कामर्स इन कोरिया (आइसीसीके), और भारत-जिबूती चैंबर आफ कामर्स (आइडीसीसी) गैर-गोपनीय व्यावसायिक सूचनाओं के आदान-प्रदान और व्यापार सुविधा के लिए समझौता ज्ञापन।
  • जर्मनी-भारत इनोवेशन सेंटर (जीआइआइसी) नवाचार और प्रौद्योगिकी में द्विपक्षीय सहयोग के लिए समझौता।
  • इंडो-यूरोपियन चैंबर आफ स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच में छोटे, मध्यम उद्यम (एसएमई) का समर्थन करने के लिए सहयोग करेगी।
  • इंडिया कनेक्ट लर्निंग एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन, हांगकांग, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से देशों के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों का समर्थन करने के लिए सहयोग करेगी।
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