पुराने शहर में गंदगी देख खुद को रोक नहीं पाए सदस्य, फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड भी कर दिए

पुराने शहर में गंदगी देख खुद को रोक नहीं पाए सदस्य, फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड भी कर दिए

भाेपाल। दिल्ली से आई स्वच्छता सर्वेक्षण की केंद्रीय टीम के सदस्य शहर की खाक छान रहे हैं। ये 46 बिंदुओं पर शहर को परखने में जुटे हैं। इसी के तहत ये रविवार को पुराने भोपाल में थे, जहां इन्हें सड़कों पर गंदगी दिखी। वह भी ऐसी कि आसपास सुअर घूम रहे थे, मच्छर व मक्खियों की भरमार थी। नजदीक पहुंचे तो नाक पर कपड़ा रखना पड़ा। देखने योग्य दृश्य नहीं था। यह सबकुछ देख कर टीम के कुछ सदस्य खुद को फोटो खींचने से रोक नहीं सके। यही नहीं, कुछ सदस्यों ने तो ये फोटो केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण पोर्टल पर अपलोड भी कर दिए। अब यही फोटो रैेंकिंग के समय भोपाल के लिए मुश्किल पैदा कर सकते हैं। इधर गंदगी मिलने और एक के बाद एक फोटो पोर्टल पर अपलोड होने की खबर निगम के अधिकारियों को मिल रही है, जिसके बाद अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपने में लगे हैं। टीम के सदस्य आगे भी कुछ दिन भोपाल में रहेंगे। ये बीते तीन दिन में 80 से अधिक स्थानों की 400 से ज्यादा फोटो पोर्टल पर अपलोड कर चुके हैं।

बता दें कि दिल्ली से आई सर्वे टीमों ने सर्वे की शुरुआत सुलभ काम्प्लेक्स और कालोनियों में साफ-सफाई के साथ ही डोर-टूृ-डोर कचरा कलेक्शन की सच्चाई परखने से की थी। लेकिन लगातार गंदगी से बजबजाती नाले-नालियों के साथ ही सड़कों के किनारे पसरी गंदगी, गड्ढों से पटी सड़कों, टूटे फुटपाथों की फोटो पोर्टल पर अपलोड कर रही हैं। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्वच्छता टीमें जिम्मेदारों के सामने ही गंदगी की फोटो खींचने के बाद पोर्टल पर अपलोड कर रही हैं। शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) प्रभारी आरके सक्सेना के सामने गंदगी का फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड किया। यही नहीं टीम मेंबर्स ने उन्हें इशारा कर गंदगी भी दिखाई।

आयुक्त ने केंद्रीय टीम की निगरानी में लगाए तीन हजार कर्मचारी

राजधानी में दिल्ली से आई स्वच्छता सर्वे टीमें घूम-घूम कर साफ-सफाई का जायजा ले रही हैं। टीमों की निगरानी करने को नगर निगम ने तीन हजार कर्मचारियों को तैनात किया है। इन्हें बाकायदा वायरलेस सेट भी दिए गए हैं। जिनकी मदद से नगर निगम आयुक्त फ्रैंक नोबल ए इन्हें निर्देशित करने के साथ ही पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। लेकिन ये सारी कोशिश नाकाम साबित हो रही हैं।

सिटीजन फीडबैक में मिल रहा सकारात्मक जबाव

इधर महापौर मालती राय द्वारा शहरवासियों को जागरुक करने के बाद सिटीजन फीडबैक की कोशिश रंग ला रही है। अब तक टीमों ने जहां-जहां भी सर्वे किया और लोगों से बात की, उन्हें पाजीटिव फीडबैक ही मिला। लेकिन, टीम ने जमीनी सच्चाई न सिर्फ देखी बल्कि, फोटो खींच कर भोपाल की रैंकिंग तय करने दिल्ली भी भेज दी। इसके साथ ही रविवार को टीमों ने जोन 1, 2, 5 और 20 में 20 से ज्यादा लोकेशन्स पर विजिट की। इस दौरान टीम ने बैरागढ़ स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन का जायजा लिया। यहां उन्होंने कचरा आने और जाने की प्रक्रिया को देखा।

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