चैत्र प्रतिपदा पर हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा और नवरात्रि आगमन के साथ ही सिंधी समाज अपने आराध्य देव भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव चेट्रीचंड्र मनाया जाएगा। चेट्रीचंड महोत्सव के पहले मंगलवार को सिंधी समाज की महिलाओं ने स्कूटी रैली निकालकर पूरे शहर को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया।
इस रैली में करीब 200 महिलाएं और युवतियां शामिल हुईं, जिन्होंने सफेद कुर्ती पहनकर एकता और अनुशासन का संदेश दिया। रैली की शुरुआत व्यापार विहार स्थित दीनदयाल गार्डन से हुई, जहां नगर की महापौर पूजा विधानी और संतलाल साईं की पत्नी ने झंडी दिखाकर इसे रवाना किया।
रैली का जगह-जगह हुआ स्वागत
रैली शहर के प्रमुख मार्गों सीएमडी चौक, तरबाहर चौक और गांधी चौक से होते हुए तोरवा तक पहुंची। पूरे रास्ते भर महिलाएं सिंधी समाज के इष्ट देव भगवान झूलेलाल की जयकारे लगाती रहीं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। जगह-जगह समाज के लोगों ने रैली का भव्य स्वागत किया।
फूलों की वर्षा और तालियों की गूंज ने इस आयोजन को और खास बना दिया। इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और जागरूकता लाना भी है। आयोजक महिलाओं ने बताया कि चेट्रीचंड सिंधी समाज का प्रमुख पर्व है और इस तरह के कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।
आकर्षक झांकियों ने मोहा मन
रैली में आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं, जिनमें हेमू कालानी, राजा दाहिर और संत कंवर राम के जीवन की झलक दिखाई गई। साथ ही कई महिलाएं दुर्गा माता और छत्तीसगढ़ महतारी की वेशभूषा में नजर आईं, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
महापौर पूजा विधानी ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को एकजुट करते हैं और महिलाओं को सशक्त बनाने का एक मजबूत माध्यम बनते हैं।
समाज के आयोजकों ने सभी लोगों से अपील की कि वे इस तरह के आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाएं। यह स्कूटी रैली न सिर्फ सिंधी समाज की आस्था और एकता का प्रतीक बनी, बल्कि पूरे बिलासपुर शहर को संस्कृति, उत्साह और भाईचारे के रंग में रंगने का काम भी किया।











