भोपाल में रफ्तार के शौकीनों का डरावना 'ट्रेंड', एक महीने में 4000 चालान, नहीं लगी लगाम

भोपाल में रफ्तार के शौकीनों का डरावना 'ट्रेंड', एक महीने में 4000 चालान, नहीं लगी लगाम
भोपाल: राजधानी में तेज रफ़्तार गाड़ी चलाना जानलेवा ट्रेंड बन गया है। अक्टूबर में स्पीड के शौकीनों के 4000 से ज़्यादा चालान काटे गए, फिर भी कोई सबक नहीं ले रहा है। हाल ही में एरोसिटी रोड पर स्पोर्ट्स बाइक पर सवार दो MBBS छात्रों की सड़क हादसे में मौत हो गई, जिससे यह मुद्दा फिर सुर्ख़ियों में है।

यह घटना भोपाल के लिए नई नहीं है। शहर की चौड़ी सड़कों पर तेज़ रफ़्तार बाइक्स और SUVs को देखना आम बात है। खासकर रात में कई युवा और छात्र स्टंट और रील बनाने के चक्कर में अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं।

इन जगहों पर दिखते हैं स्टंटबाज


वीआईपी रोड, लालघाटी रोड, एरोसिटी रोड, एयरपोर्ट रोड, अटल पथ, बोट क्लब क्षेत्र, न्यू जेल रोड और स्मार्ट सिटी रोड जैसे इलाके इस खतरनाक ट्रेंड से अछूते नहीं हैं।

पुलिस का कार्रवाई को लेकर तर्क


पुलिस का तर्क है कि इन सड़कों पर ज़्यादातर गाड़ियां दूसरे जिलों से आती-जाती हैं। सख्ती से चेकिंग करने पर लोगों को परेशानी हो सकती है।

कॉलेज के छात्र भी नहीं हैं पीछे


गांधी नगर थाने के एक वरिष्ठ पुलिसकर्मी ने बताया कि एयरपोर्ट रोड पर अक्सर युवाओं को महंगी गाड़ियों में तेज़ रफ़्तार से भगाते देखा जा सकता है। यह एक राष्ट्रीय राजमार्ग होने के साथ-साथ चौड़ी सड़क भी है। एरोसिटी रोड कोई हाईवे नहीं है। पर यह मेडिकल कॉलेज से जुड़ता है, इसलिए यहां भी रफ़्तार का कहर देखने को मिलता है।

प्रशासन का कहना


पुलिस का कहना है कि रात में उनका ज़्यादातर ध्यान चोरी और दूसरी आपराधिक घटनाओं पर रहता है। गांधी नगर पुलिस नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर वाहनों की जांच करती है, लेकिन दुर्घटना देर रात लगभग 3.30 बजे हुई। कोह-ए-फिजा थाने के SHO विजेंद्र मर्सकोले ने बताया कि वीआईपी रोड और लालघाटी चौराहे से एयरपोर्ट रोड की ओर जाने वाली सड़कें शहर की दूसरी सड़कों की तुलना में ज़्यादा चौड़ी हैं। इसलिए, वाहनों की रफ़्तार यहाँ बढ़ जाती है। वीआईपी रोड पर स्टंट करने की कई शिकायतें मिलती हैं।

पीछे करना हो जाता है और खतरनाक


SHO मर्सकोले ने बताया कि चेकिंग के दौरान कई बार तेज रफ़्तार वाहन पुलिसकर्मियों को भी टकराने से बाल-बाल बचते हैं। जब उल्लंघनकर्ता पुलिस को देखते हैं, तो अक्सर अपनी गाड़ियों पर से नियंत्रण खो बैठते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा अगर अधिकारी उनका पीछा करने का प्रयास करते हैं, तो दोनों पक्ष तेज गति से गाड़ी भगाते हैं, जिससे अन्य वाहनों से टकराव की संभावना बढ़ जाती है।

सिर्फ अक्टूबर में हुए 4000 चालान


अतिरिक्त डीसीपी (यातायात) बसंत कौल ने कहा कि स्थानीय पुलिस स्टेशनों के साथ यातायात पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने, स्टंट राइडिंग और अन्य यातायात उल्लंघनों की जांच करती है, लेकिन ज्यादातर सड़क दुर्घटनाओं में तेज गति से गाड़ी चलाना मुख्य कारण पाया गया है। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस ने बिना हेलमेट पहने दुपहिया वाहन सवारों के 1924 चालान जारी किए। स्पीड रडार से लैस इंटरसेप्टर वाहन द्वारा तेज गति से गाड़ी चलाने के लिए 96 चालान जारी किए गए। कुल मिलाकर, अक्टूबर 2024 में ही यातायात उल्लंघनकर्ताओं को लगभग 4000 चालान जारी किए गए।
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