भोपाल। जिला उपभोक्ता आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक के विरुद्ध सेवा में कमी के मामले में 4.15 लाख रुपये के हर्जाना देने का निर्णय सुनाया है। दरअसल, भोपाल के वल्लभ नगर निवासी बृहस्पति पटेल ने भारतीय स्टेट बैंक की हबीबगंज शाखा के प्रबंधक के खिलाफ 2016 में याचिका लगाई थी। उपभोक्ता ने शिकायत की थी कि उनकी माता गुलाब कली पटेल का एक बैंक में बचत खाता था।
बैंक द्वारा बताया गया था कि एक बीमा योजना शुरू की गई है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 200 रुपये है जो खाते से स्वत: काट ली जाएगी। इसके लिए अलग से प्रीमियम जमा करने की आवश्यकता नहीं रहेगी और खाताधारक की मृत्यु हो जाने पर नामिनी को चार लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
उपभोक्ता ने बीमा करा लिया, लेकिन जब खाताधारक की दुर्घटना में मौत हो गई तो उसे बीमा राशि नहीं दी गई। मामले में सुनवाई के बाद जिला आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल एवं सदस्य डा. प्रतिभा पांडेय की बेंच ने चार लाख रुपये बीमा राशि के साथ 15 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति राशि भी बैंक को देने का निर्णय सुनाया है।
बैंक के तर्क को कर दिया खारिज
बैंक ने आयोग में तर्क रखा कि खाताधारक के खाते से समय पर किस्त नहीं काटी जा सकी। इस कारण भुगतान करने में कठिनाई है, जबकि उनके खाते में पर्याप्त राशि मौजूद है। जिला आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया और कहा कि बैंक ने सेवा देने में कमी की है।











