बॉलीवुड स्टार गोविंदा 60 साल के हो गए हैं। गोविंदा का फिल्मी करियर इस समय ढलान पर है। उनकी पिछली फिल्म ‘रंगीला राजा’ 2019 में आई थी जो कि फ्लॉप रही। इसके बाद गोविंदा के पास कोई फिल्म नहीं है। कभी पहली फिल्म हिट होने के बाद गोविंदा ने एक साथ 49 फिल्में साइन कर ली थीं।
फिल्ममेकर्स उन्हें फिल्म में कास्ट करने के लिए लाइन लगाकर खड़े रहते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। गोविंदा कमबैक की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से गोविंदा ने फिल्ममेकर डेविड धवन से पैचअप भी कर लिया है, जिनसे उनकी तकरीबन पांच साल से बातचीत बंद थी।
गोविंदा ने डेविड की तकरीबन 17 फिल्मों में काम किया था। इनमें शोला और शबनम, आंखें, राजा बाबू, कुली नंबर वन, हीरो नंबर वन जैसी फिल्में हिट रही थीं।
गोविंदा के स्टारडम का आलम यह था कि एक मैगजीन ने उन्हें सोने के अंडे देने वाली मुर्गी बताते हुए लिखा था-'जिसको 21 साल की उम्र तक कोई जानता नहीं था, उसने 22 साल की उम्र में 49 फिल्में साइन कर ली थीं।'
गोविंदा के जन्मदिन पर नजर डालते हैं उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्सों पर…
गोविंदा का जन्म 21 दिसंबर, 1963 को मुंबई में हुआ था। जब वे पैदा हुए तो उनके पिता अरुण आहूजा ने उन्हें गोद तक लेने से इनकार कर दिया था। यह बात खुद गोविंदा ने एक इंटरव्यू के दौरान कही थी।
गोविंदा ने एक इंटरव्यू में बताया था, 'जब मैं गर्भ में था तो मां (निर्मला देवी) साध्वी बन गई थीं। वह पापा के साथ ही रहती थीं, लेकिन बिल्कुल साध्वी की तरह। कुछ महीनों बाद मेरा जन्म हुआ तो पापा ने मुझे गोद लेने से इनकार कर दिया। दरअसल, उन्हें ऐसा लग रहा था कि मेरे कारण मां उनसे अलग होकर साध्वी बनी हैं। कुछ समय बाद जब लोगों ने उन्हें मेरे बारे में कहा कि कितना खूबसूरत बच्चा है, कितना अच्छा लड़का है, तब उन्होंने मुझे प्यार करना शुरू किया।'
गोविंदा के पिता अरुण आहूजा भी एक्टर थे। उन्होंने तकरीबन 40 फिल्मों में काम करने के बाद इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया था। वहीं, गोविंदा की मां निर्मला देवी जानी-मानी क्लासिकल सिंगर और अभिनेत्री थीं। इसके बावजूद गोविंदा का बचपन गरीबी में बीता और उन्हें काफी स्ट्रगल करनी पड़ी। दरअसल, गोविंदा के जन्म से पहले पिता के डूबते फिल्मी करियर ने पूरी फैमिली को बर्बादी के रास्ते पर पहुंचा दिया था। पूरा परिवार मुंबई के विरार में एक चॉल में रहने को मजबूर हो गया था।
इंग्लिश ना आने के कारण नहीं मिली नौकरी
घर की खराब आर्थिक स्थिति के चलते गोविंदा जब बड़े हुए तो उन्होंने नौकरी पाने के लिए बहुत पापड़ बेले। कॉमर्स में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद एक बार वह मुंबई के होटल ताज में वह वेटर की नौकरी का इंटरव्यू देने गए, लेकिन उन्हें यह नौकरी नहीं मिली। गोविंदा ने बताया था-मुझे यह नौकरी नहीं मिली, क्योंकि मैं इंग्लिश नहीं बोल पाता था। मैंने इंटरव्यू में इंग्लिश में बात नहीं की थी।
मां नहीं चाहती थीं एक्टर बनें गोविंदा
गोविंदा की मानें तो उनकी मां कभी नहीं चाहती थीं कि वे एक्टर बनें। हालांकि, पिता का उन्हें बराबर सहयोग मिला। गोविंदा के अनुसार, "मां चाहती थी कि मैं बैंक में जॉब करूं। ये मेरे पापा थे, जिन्होंने मुझे एक्टिंग फील्ड में आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मुझे कहा- 'तुम अच्छा लिख सकते हो, अच्छे दिखते हो, एक्टिंग कर सकते हो, तुम्हें फिल्मों में जाना चाहिए। क्यों जॉब खोज रहे हो।'
गोविंदा ने एक इंटरव्यू में कहा था, कुछ समय तक मैं मां को बताए बगैर राजश्री प्रोडक्शन के चक्कर लगाता रहा। यह सोचकर कि शायद कोई काम मिल जाए। फिर एक दिन मैंने मां से रिक्वेस्ट की कि वे मुझे फिल्मों में जाने की परमिशन दे दें। तब उन्होंने परमिशन देने के साथ-साथ मुझसे कहा- 'नो शराब, नो सिगरेट। यदि तुम ट्राय करना चाहते हो तो करो, लेकिन ये चीजें लाइफ में नहीं आनी चाहिए।'
सच साबित हुई थी मां की बात
गोविंदा के मुताबिक, उनकी मां एक अच्छी ज्योतिष थीं। ऐसे में उन्होंने जो-जो भविष्यवाणी की, वह सच साबित हुई। गोविंदा ने कहा था, 'जब मैं 17 साल का हुआ तो मां ने कहा था कि 21 साल की उम्र में मैं कमाल करूंगा और इसी उम्र में मेरी पहली फिल्म आई। इसके 50 दिन बाद मैंने 49 फिल्में साइन की।'
गोविंदा ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मां से परमिशन मिलने के बाद मैं रोशन तनेजा के एक्टिंग इंस्टिट्यूट चला गया और मैं लकी था कि उन्होंने मुझसे फीस भी नहीं ली। सरोज खान ने मुझे डांस सिखाया, जिसके लिए कुछ चार्ज नहीं किया। फाइटर मास्टर राम ने फाइट सिखाने के लिए कोई फीस नहीं ली। इसका करण सिर्फ इतना था कि वे सभी मेरे काम से प्रभावित थे।’
शुरुआत में गोविंदा अपनी पर्सनालिटी को लेकर खासे परेशान थे, क्योंकि कोई भी फिल्ममेकर अच्छे दिखने वाले हीरो के साथ ही फिल्म बनाना चाहता था और उन्हें ऐसा लगता था कि वो हीरो बनने के लिए परफेक्ट नहीं हैं।
कैसे मिला गोविंदा को फिल्मों में ब्रेक
80 के दशक में गोविंदा के मामा राजेंद्र सिंह अपने छोटे भाई आनंद के साथ फिल्म ‘नरम-गरम’ को प्रोड्यूस कर बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा चुके थे। साल 1984 में दोनों भाइयों ने एक नई फिल्म 'तन बदन' प्लान की। हीरो के लिए जितेंद्र से बात की गई, लेकिन डेट नहीं होने की वजह से उन्होंने फिल्म करने से मना कर दिया। तब उन्हें अपने भांजे गोविंदा का ख्याल आया और उन्होंने बतौर हीरो उसे लॉन्च करने का मन बना लिया।
गोविंदा को मेकओवर के लिए मिले थे 22000 रुपए
राजेंद्र सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म शुरू करने से पहले उन्होंने गोविंदा को 22000 रुपए दिए थे और कहा था- इन पैसों से नए कपड़े खरीदें, नई हेयर स्टाइल बनवाएं। इसके बाद गोविंदा ने अपना पूरा मेकओवर कराया, तब जाकर फिल्म की शूटिंग शुरू हुई। फिल्म 'तन बदन' के लिए गोविंदा को 5000 रुपए का चेक दिया गया था। चेक देखते ही गोविंदा खुशी से उछल पड़े थे।
22 साल की उम्र में साइन की थीं 49 फिल्में
‘तन बदन’ गोविंदा की पहली फिल्म थी, लेकिन इससे पहले ही 1986 में ‘इल्जाम’ रिलीज हुई जो उनकी डेब्यू फिल्म बनी। तब गोविंदा 21 साल के थे। इसके बाद कल्ट क्लासिक 'आवारगी' और महा-संग्राम जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम कर गोविंदा स्टार बन गए। 22 की उम्र में 50 दिन के अंदर उन्होंने 49 फिल्में साइन की थीं।
गोविंदा कंफ्यूज हो गए थे कि पैसे कहां खर्च किए जाएं
विनय पाठक के चैट शो ‘हर घर कुछ कहता है में गोविंदा ने कुछ सालों पहले बताया था कि करियर की शुरुआत में उनके पास इतने ज्यादा पैसे आ गए थे कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था, वो उन्हें कहां खर्च करें। उस दौरान गोविंदा ने सोचा था कि वो इन पैसों से 100 रिक्शे खरीद लेंगे।
कीर्ति कुमार ने बताया था कि समय के साथ वो गोविंदा के सेक्रेटरी बन गए और उन्हें कई फिल्में एक साथ साइन करवा दी थीं, क्योंकि वो जल्द से जल्द गरीबी से उभरना चाहते थे। कीर्ति ने उस दौर को याद करते हुए बताया था कि एक दिन गोविंदा ने अपने सारे पैसे और बैंक डिटेल इकट्ठा किए और वो यह पता लगाने की कोशिश करने लगे कि आखिर इन पैसों को कहां खर्च किया जाए।
कीर्ति ने आगे बताया था कि उस वक्त गोविंदा ने उन्हें सुझाव दिया कि उन्हें 100 ऑटो रिक्शा या 100 ट्रक खरीद लेने चाहिए, जिस पर कीर्ति ने उन्हें समझाया कि वो इस तरह के बिजनेस के लिए नहीं बने हैं। बाद में जब गोविंदा स्टार बन गए, तो उन्होंने 100 ट्रक खरीदने का आइडिया दिया था, लेकिन कीर्ति ने इससे इनकार कर दिया।
नीलम से प्यार, मां के लिए कुर्बानी दी
फिल्मों में साथ काम करते-करते गोविंदा को एक्ट्रेस नीलम से प्यार हो गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोविंदा नीलम से शादी करना चाहते थे। कहा जाता है कि नीलम के प्यार में गोविंदा ने एक बार सुनीता से अपनी सगाई तक तोड़ दी थी। हालांकि, गोविंदा की मां चाहती थीं कि वे डायरेक्टर आनंद सिंह की साली यानी सुनीता (वर्तमान में गोविंदा की वाइफ हैं) से शादी करें। गोविंदा कभी मां की बात नहीं टालते थे, इसलिए उन्होंने नीलम को छोड़ सुनीता से शादी की।
छुपाई थी शादी की बात
गोविंदा ने मां के कहने पर मार्च 1987 में सुनीता से शादी की। उन्होंने अपनी शादी की बात सभी से छुपाकर रखी थी। ऐसा इसलिए ताकि उनका करियर प्रभावित न हो। गोविंदा की शादी की बात तब सामने आई थी, जब बेटी टीना (नर्मदा) का जन्म हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोविंदा ने 1990 में एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अपनी शादी के बाद भी वे नीलम को भूले नहीं थे। उन्होंने नीलम के साथ कई फिल्में कीं। वे चाहते थे कि नीलम सिर्फ उनके साथ ही स्क्रीन शेयर करें।
दो बच्चों के पिता हैं गोविंदा
गोविंदा ने 1987 में सुनीता से शादी की। पहली बेटी की डेथ के बाद उनके दो बच्चे और हुए। बेटी नर्मदा, जिन्होंने फिल्मों में आने के लिए अपना नाम टीना रख लिया है। नर्मदा का एक्टिंग करियर अब तक फ्लॉप साबित हुआ है। गोविंदा के बेटे का नाम यशवर्धन है, जो जल्दी ही फिल्मों में एंट्री ले सकते हैं।
डेविड धवन से बिगड़े रिश्ते, 5 साल बाद सुधरे
गोविंदा के हिट होने में डायरेक्टर डेविड धवन का बहुत बड़ा हाथ था। 90 के दशक में गोविंदा और डेविड ने राजा बाबू, कुली नंबर 1, हीरो नंबर 1, बड़े मियां छोटे मियां, हसीना मान जाएगी और साजन चले ससुराल समेत करीबन 17 फिल्मों में साथ काम किया था। दोनों के रिश्तों में पांच साल पहले खटास आ गई थी।
गोविंदा ने एक इंटरव्यू में इस बारे में कहा था, 'मैंने कुछ दिनों पहले एक फिल्म के लिए डेविड से कॉन्टैक्ट किया था, लेकिन उनके निगेटिव जवाब से मुझे काफी दुख पहुंचा। मुझे नहीं लगता कि अब मैं दोबारा उनके साथ काम कर पाऊंगा। दरअसल, डेविड ने चश्मेबद्दूर नाम से एक फिल्म बनाई थी और इस फिल्म की कहानी मैंने उन्हें सुनाई थी। लेकिन बाद में उन्होंने किसी और के साथ यह फिल्म शुरू कर दी। यह जानकर मैं हैरान रह गया था।’
'इस पर मैंने उन्हें फोन किया और कहा- ‘डेविड मैं चाहता हूं कि हम अपनी 18वीं फिल्म साथ करें, लेकिन उन्होंने मुझे पलटकर फोन तक नहीं किया। मैंने उनके साथ एक से एक फिल्में की, लेकिन अब इस बात को लेकर शंका है कि मैं उनके साथ दोबारा काम करूंगा।’ इस घटना के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी जिसके बाद दोनों एक-दूसरे के टच में ही नहीं रहे।
दिवाली पार्टी में दूर हो गए गिले शिकवे
2023 में प्रोड्यूसर रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी पर फिल्ममेकर डेविड धवन और गोविंदा एक-दूसरे से बात करते नजर आए थे। बाद में गोविंदा ने भी इस बात को कंफर्म कर दिया था कि उनका डेविड धवन से पैचअप हो चुका है।
उन्होंने कहा था, ‘मुझे खुशी है कि लोगों को आज भी लगता है कि हमें साथ में काम करना चाहिए। यह उनका प्यार है। हमारा पैचअप हो चुका है। यह हमारी दूसरी मुलाकात थी। हमने एक दिवाली पार्टी पर साथ में अच्छा वक्त बिताया। हम पास्ट को घसीटने पर यकीन नहीं रखते हैं। हमने हमारे गिले-शिकवे दूर कर लिए हैं। हालांकि, इस मुलाकात में फिल्मों पर बात करना हमारी प्रायोरिटी नहीं थी, हमने सिर्फ अपनी अच्छी यादों पर बात की।’
काम ना मिलने की गोविंदा ने बताई थी वजह
37 साल के करियर में गोविंदा ने तकरीबन 170 फिल्मों में काम किया है। उनकी पिछली फिल्म चार साल पहले 2019 में रिलीज हुई थी जिसका नाम रंगीला राजा था। ये फ्लॉप थी। इसके बाद गोविंदा को कोई फिल्म नहीं मिली।
खाली बैठने की वजह बताते हुए गोविंदा ने 2022 में दिए एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं जल्दी काम एक्सेप्ट नहीं करता। मैंने 100 करोड़ का प्रोजेक्ट ठुकराया था। मैं शीशे के सामने खुद को थप्पड़ मारता था क्योंकि मैं कोई प्रोजेक्ट साइन नहीं कर रहा था। लोग मुझे काफी पैसा ऑफर कर रहे थे, लेकिन वो सब रेंडम रोल्स ऑफर कर रहे थे। मैं कुछ वैसा करना चाहता था जो मैं कर चुका हूं। कुछ उस लेवल का काम।’
170 करोड़ है नेटवर्थ
गोविंदा के पास भले ही इस समय फिल्में न हों लेकिन उनकी सालाना कमाई 10-12 करोड़ रूपए है। उनकी एक ब्रांड एंडोर्समेंट की फीस 2 करोड़ रुपए है। एक फिल्म के लिए वो तकरीबन 5-6 करोड़ रुपए चार्ज करते हैं। गोविंदा पब्लिक इवेंट्स में भी परफॉर्म करते हैं, जिसके लिए उन्हें 10-15 लाख तक की फीस मिल जाती है।
ABP की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ 170 करोड़ है। मुंबई में उनका आलीशान घर है जिसकी कीमत 16 करोड़ है। इसके अलावा मड आइलैंड और मुंबई के जुहू में उनकी कई प्रॉपर्टी हैं। गोविंदा के कार कलेक्शन में 64 लाख की मर्सिडीज बेंज GLC, 43 लाख की मर्सिडीज C220D, फोर्ड एंडेवर शामिल हैं।











