भोपाल। सरदार वल्लभभाई पॉलिटेक्निक कॉलेज भोपाल में इंटर पॉलिटेक्निक हैकथॉन (राज्य स्तरीय) का आयोजन किया जा गया जिसमें प्रदेश की विभिन्न पॉलिटेक्निकों से 13 टीमों द्वारा इनोवेटिव प्रोटोटाइप और वर्किंग मॉडल के माध्यम से तकनीकी नवाचारी विचारों का प्रस्तुतिकरण किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा विभाग के डायरेक्टर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने उद्घाटन सत्र में कहा कि, पॉलिटेक्निक कॉलेज लेवल पर इनोवेशन एवं क्रिएटिव थिंकिंग के लिए अधिक से अधिक सकारात्मक वातावरण मिले इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, शीर्ष तीन टीमों को नकद पुरस्कार और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
संस्था के प्राचार्य डॉ. के.वी.राव ने बताया कि हैकाथॉन स्मार्ट इंडिया के अंतर्गत एक राष्ट्रव्यापी पहल है जो विद्यार्थियों में नवाचार की संस्कृति के साथ साथ समस्या को हल करने की मानसिकता विकसित करते हुए हमारे दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
इस इवेंट में भोपाल के दोनों पॉलिटेक्निक के छात्र छात्राओं के साथ ही साथ मध्य प्रदेश के अन्य शहरों जैसे बालाघाट, इंदौर ,जबलपुर से भी पार्टिसिपेंट्स अपने मेंटर्स के साथ उपस्थित हुए।
विद्यार्थियों के नवाचारो का मूल्यांकन श्री शरद शर्मा, श्री पुनीत माहेश्वरी एवं डॉ अभिषेक चौबे द्वारा किया गया।
हैकथॉन में विविध प्रोटोटाइप और वर्किंग मॉडल का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
एस. वी. पॉलिटेक्निक कॉलेज के स्टूडेंट के ग्रुप “ द चैलेंजर ” (The challengers) ने ड्रोन को मॉडिफाई करते हुए डॉमेस्टिक हेल्पर क्वॉर्डकॉप्टर को प्रस्तुत किया जो बाढ़ या इसी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं में इमेज कैपचरिंग के साथ साथ मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूशन, कॉन्टैक्ट लेस कंडीशन में आईसीयू में पेशेंट की देखभाल और वृद्धजन के साथ साथ वर्किंग वुमन को हेल्प कर सकेगा।
एक अन्य इनोवेटिव आइडिया ऐप और वेबसाइट की कल्पना “आई स्टूडेंट” वूमेंस पॉलिटेक्निक कॉलेज भोपाल के स्टूडेंट द्वारा की गयी है जो एक बहुत ही अच्छा एजुकेशनल साथी हो सकता है, खासतौर से आई.टी और सी.एस. स्टूडेंट, स्टडीज में सहायता के लिए 24 x 7 चैटबाट के माध्यम से लगातार जुड़े रह सकते है।
इसी पॉलिटेक्निक से एक मोबाईल एप्लीकेशन “बुक जर्नी” (Book Journey) के कॉन्सेप्ट के अनुसार कोई भी यूजर इसमें बायर, सेलर और रेंटर भी बन सकता है अर्थात किताब को ख़रीदा, बेचा और रेंट पर लिया जा सकता है। महिला पॉलिटेक्निक भोपाल से ही COSHUB ग्रुप के एक ऐप के माध्यम से फैशन एसेसरीज, कॉस्टयूम या प्रॉप्स को चाहे तो खरीदा, बेचा, रेंट या शेयर किया जा सकता है। साथ ही मेकअप आर्टिस्ट ,फैशन डिजाइनर , कोरियोग्राफर इत्यादि के भी बहुत सारे ऑप्शन देने की प्लानिंग हैं।
जबलपुर के कला निकेतन पॉलिटेक्निक कॉलेज से इनोवेटिव आइडिया “ई-ड्राइव एक्सपर्ट” (e-DRIVE Experts) ई-रिक्शा शेयरिंग सेवाओं के लिए प्लेटफॉर्म देकर परिवहन में क्रांति की शुरुआत कर सकता हैं। यह शेयरिंग प्लेटफॉर्म ग्राहकों के लिए किफायती साधन उपलब्ध कराने के साथ साथ सुरक्षित वातावरण के साथ किफायती दरों पर उत्तम और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करता है।
इसी कॉलेज से “ लाइट फार्मर्स ” भी एडवांस्ड ड्रोन तकनीक और पुरानी कन्वेंशनल तकनीक के बीच एक ब्रिज का काम करते हुए एग्रीकल्चर इंडस्ट्री को सपोर्ट करने का इरादा रखते हुए दमदार आइडिया प्रस्तुत कर रहा है। शिवांशु दुबे, जीतेन्द्र लोधी, नितिन त्रिपाठी, विजय पटेल और योगेन्द्र दुबे की टीम ने इलेक्ट्रिक पंप मेथड या ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रे सिस्टम से किये जा रहे अनियमित और अनियंत्रित फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड्स स्प्रे की समस्या को कुछ कंट्रोल सिस्टम से जोड़ कर जीपीएस की मदद से इस कठिन काम को सुविधाजनक और प्रभावी बनाने का नवाचार सामने रखा ।
जबलपुर के कला निकेतन पॉलिटेक्निक कॉलेज के स्टूडेंट नीरज विश्वकर्मा, अमित चक्रवर्ती, रबीश पटेल, मुकुंद विराट, मनीष सिंह, दीपक विश्वकर्मा, संजू कुमार, प्रमोद बर्मन का ग्रुप एक सस्टेनेबल वाटर मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा सोलर एनर्जी का उपयोग करते हुए वेस्ट वाटर को रि-यूजेबल बनाने के लिए एक इको फ्रेंडली सोल्यूशन देना चाहता हैं।
Renewo नाम के स्टार्टअप के जरिए गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक बालाघाट की टीम धरमचंद पाटले, संजय सेंडे, शुभम उपराड़े, निखिल वाघाड़े, खुशाल नेवारे, ऐस्टिन वासनिक, संदीप मोरकुरे, चंद्रभान गढ़ेश्वर ने प्लास्टिक और रबर वेस्ट मैटेरियल्स को इकट्ठा करके इनको री-सायकल या रीयूज और उसकी बिक्री के लिए प्लेटफार्म क्रिएट कर रहे हैं जो एक स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण के विस्तार में मदद करेगा।
बालाघाट पॉलिटेक्निक कॉलेज से ही स्टूडेंट की टीम आर्टिस्टिक एंटीक्स (Artistic Antics) के मेम्बर्स मनस्वी चौधरी, पूर्वा बोपचे, आनंद वाघमारे, प्रियांश गोस्वामी, अमित मेश्राम, निधि बिसेन ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए एक प्लेटफार्म डेवलप करना चाहती हैं जिससे ग्रामीण डायरेक्ट जुड़े और उनको मार्केट से होने वाला फायदा सीधे तौर पर मिले।
शॉपिंग करना हम सबका बहुत ही पसंदीदा काम है जिसमें बहुत सारे पैसे की तो जरूरत होती है लेकिन इसके साथ-साथ बहुत सारे समय और एनर्जी की भी जरूरत होती है, क्योंकि बिलिंग के टाइम पर सभी प्रोडक्ट की स्कैनिंग और फिर उसकी लंबी कतार हम सबको पैनिक तो करती ही है यह हम सभी का अनुभव है लेकिन यदि ऐसा कोई स्मार्ट ट्रॉली बिलिंग सिस्टम हो जिसमें अपने आप प्रोडक्ट की स्कैनिंग होकर बिल ऑटोमेटेकली बनाया जा सके और लंबी-लंबी कतारों से बचा जा सके और कस्टमर आराम के साथ कम समय में शॉपिंग कर पाए, वुमेन पॉलिटेक्निक इंदौर की टीम, मैजिक एंजेल्स के मेंबर्स योगिता यादव, सताक्षी राठौड़, महक सावंत, आयुषी जायसवाल, कविता नागर ने एक ऐसा ही सिस्टम का कांसेप्ट लेकर आए हैं।
आज के बिजी शेड्यूल और और बिज़ी लाइफ में घर के रोजमर्रा कामों के लिए हमें हमेशा समय पर उपलब्ध स्किल्ड हेल्पर की आवश्यकता होती है , आज के इस मॉडर्न टाइम में यदि कोई हर चीज जब ऑनलाइन हो रही है तो यह सर्विसेज भी यदि ऑनलाइन कन्वेनिएंट और रीजनेबल रेट पर हो , तो हाउसहोल्ड हेल्प हम सबके लिए कितना आसान हो सकता है इसी कांसेप्ट को लेकर आए हैं वूमेन पॉलिटेक्निक भोपाल से अनुष्का पांडे, भूमि देवलिकर, श्रेया सिंह चंदेल, सैयद अदीबा ख़ालिद, अनुश्री अग्रवाल हेल्प मेट (Helpmate), के इस एप्लिकेशन के जरिए एक ही जगह और बहुत सारी सुविधाएं सेफ्टी के साथ समय पर उपलब्ध होंगी।
अलग-अलग जगह पर ऊपर तक भरी हुई डस्टबिन उसके आसपास मंडराते हुए एनिमल्स को भी हम सबने देखा है। आज जब सब कुछ स्मार्ट है फोन स्मार्ट वॉच स्मार्ट तो क्यों ना हमारे डस्टबिन भी स्मार्ट हो जाए ताकि बिखरी प्लास्टिक की थैलिया बॉटल्स जिन्के चारों तरफ जानवर घूमते रहते हैं, साथ ही साथ चारों तरफ गंदगी हो रही उससे हम अपने एनवायरमेंट को बचा सकें और एक अच्छा साफ-सुथरा वातावरण मिल सके इसके लिए एस वी पॉलिटेक्निक कॉलेज भोपाल की टीम अंश दुबे, मोहित कुमार पांडे, प्राची चिचखेड़े, अभिषेक तिवारी, हर्ष पांडे लेकर आई है- BINTECH एक ऐसी स्मार्ट डस्टबिन जो हाफ मीटर के दायरे में आते ही डस्टबिन ओपन कर देगी और कचरा बिन में जाते ही अपने आप बंद हो जायेगा।
हम सभी गाड़ियां तो चला रहे हैं और उनके मेंटेनेंस की समय पर करते हैं पर कभी-कभी आपने देखा होगा की गाड़ी अचानक ओवरहीट हो रही है, कभी एवरेज की प्रॉब्लम है, तो कभी कुछ नाइस और वाइब्रेशन आपको दिख रहे होंगे, सर्विस स्टेशन पर जाने पर आपको पता चलता है कि कोई बड़ी खराबी हो गई है. गाड़ी के डैशबोर्ड को ही एक स्मार्ट वॉच में कन्वर्ट करने की का सपना संजोकर लाए हैं, एस वी पॉलिटेक्निक के मेक मूवर्स के टीम मेम्बेर्स यश सिंह, भरत साहू, चित्रांश माहौर, अभिषेक उदय, रितिका पवार, दीपाली द्विवेदी. जो चाहते हैं की गाड़ी में इंजन के अंदर की चीज इस तरीके से आपके सामने देखे जैसी की पल्स म्यूजिक टाइम कॉल स्मार्ट वॉच में दिखती है.
इनोवेशन क्लब के कोऑर्डिनेटर श्री शरद सक्सेना, संस्था के इन्क्यूबेशन सेंटर के प्रभारी श्री मुकेश कटारिया ने सभी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को बधाई दी.











