भोपाल। नगर निगम के कोकता आवासीय परिसर का नाम पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल गौर और मालीखेड़ी आवासीय परियोजना का नाम समाजसेवी और पूर्व भाजपा नेता गौरीशंकर कौशल के नाम पर रखा जाएगा। इसकी स्वीकृति शुक्रवार को निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में दी गई। इसके साथ ही आधा दर्जन आवासीय परियोजनों में हो रही देरी की वजह से इनमें समय वृद्धि दी गई है। वहीं नगर निगम अध्यक्ष की निधि बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव को एमआइसी ने खारिज कर दिया।
कोरोना की वजह से अटकी परियोजनाओं का बढ़ाया समय
\महापौर परिषद के सदस्यों ने बताया कि नगर निगम की आधा दर्जन परियोजनाओं की डेडलाइन पूरी हो गई है। लेकिन अब इनका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण एजेंसियों का तर्क है कि मजदूर नहीं मिलने और कोरोना की वजह से प्रोजेक्ट में देरी हुई है। इसलिए उक्त परियोजनाओं के कांट्रेक्टर इनके निर्माण को पूरा करने के लिए समयवृद्धि की मांग कर रहे थे। ऐसे में इन परियोजनाओं को छह माह का एक्सटेंशन दिया गया है। साथ ही बागमुगालिया स्थित हाउसिंग फार आल और पीएम आवास योजना में आरक्षित श्रेणी मकान नहीं बिकने से इन्हें ओपन फार आल कर दिया है। अब इन मकानों को कोई भी अनारक्षित श्रेणी का व्यक्ति टेंडर डालकर खरीद सकता है।
निगम अध्यक्ष की निधि में नहीं हुई बढ़ोतरी
नगर निगम अध्यक्ष को विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपये का बजट आरक्षित था। जिसे संशोधित बजट में पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है। हालांकि इसके लिए एमआइसी से स्वीकृति लेना जरूरी थी। लेकिन शुक्रवार को आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
इस मामले में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का कहना है कि एमआइसी के निर्णय के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। संशोधित बजट पहले ही नगरीय प्रशासन के सूचनार्थ भेजा जा चुका है। उसके बाद एमआइसी को इसे खारिज करने का अधिकार नहीं है।











