भोपाल। कलियासोत और केरवा डैम के कैचमेंट क्षेत्र में पसरे अतिक्रमण को चिह्नित कर जल्द से जल्द हटाने की कार्रवाई शुरू करें। यह निर्देश मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने नगर निगम, प्रशासन के अधिकारियों को दिए हैं। बताया जा रहा है कि एनजीटी की फटकार और मुख्य सचिव की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने के बाद सरकार एवं जिम्मेदार अधिकारी मामले को लेकर सक्रिय हो गए हैं। इसी के चलते मुख्य सचिव ने सोमवार को जल संसाधन, नगर निगम, जिला प्रशासन, वन विभाग सहित अन्य अधिकारियों की बैठक बुलाई। जिसमें तय किया गया है कि निश्चित समयसीमा में सर्वे कर जल्द से जल्द सभी अवैध निर्माण तोड़े जाएं। इसके लिए जिला प्रशाशन, जल संसाधन और नगर निगम की टीम द्वारा किए जा रहे कामों का ब्यौरा भी पटल पर रख गया। जिसमें बताया गया है कि नगर निगम 33 मीटर दायरे में अतिक्रमण को चिह्नित कर रहा है तो जल संसाधन विभाग एफटीएल क्षेत्र को देख रहा है। जिला प्रशासन डेम के खसरों को खंगाल रहा है। बैठक में मुख्य सचिव ने सख्त लहजे में कहा है कि जल्द ही कार्रवाई कर एनजीटी के समक्ष शासन का पक्ष रखा जाए।
हाउसिंग फार आल की बैठक में नाराज हुए निगमायुक्त
उधर, निगम आयुक्त फ्रेंक नोबल ए ने सोमावार को देर शाम हाउसिंग फ़ार आल प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उन्होंने रेरा की गाइड लाइन का पालन न करने वालों के खिलाफ एक्शन लेने को कहा है। इस दौरान निगमायुक्त ने भवन अनुज्ञा शाखा को भी निर्देशित किया है कि रामसर साइट पर किसी भी तरह का निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त करवाई की जाए।











