मालूम हो कि कल्पद्रुम महामंडल विधान का समापन दो जून को शोभायात्रा के साथ होगा। यहां अनुष्ठान के लिए के विशाल समवशरण के साथ 25 समवशरण की रचना की गई है। इस पर भगवान जिनेंद्र की प्रतिमा को भक्ति भाव से विराजमान किया गया है। सोमवार को इंद्र-इंद्राणियों द्वारा प्रभु का अभिषेक कर मंत्र उच्चार के साथ शांतिधारा की गई। अष्ट द्रव्य अर्पित किए गए। प्रभु के अनंत गुणों की अराधना की गई। श्री दिगंबर समाज के प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया विधानाचार्य के निर्देशन में धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं।
धर्म प्रदर्शन के लिए नहीं, आत्म दर्शन के लिए है : मुनि विनम्र सागर
भोपाल। शहर के आयोध्या नगर में स्थित अहिंसा विहार जैन मंदिर में महामंडल विधान में भक्ति की बयार बह रही है। सोमवार को आचार्य विद्यासागर, समय सागर महाराज के शिष्य मुनि विनम्र, निश्वार्थ, निसर्ग, छुल्लक हीरक सागर के सानिध्य में भगवान जिनेंद्र का अभिषेक और मंत्रों के उच्चार के साथ शांतिधारा की गई। समोशरण की आठ भूमियों पर 24 तीर्थंकरों को 192 अर्घ्य अर्पित किए गए। इस दौरान धूमधाम से घट यात्रा निकाली गई। धर्म ध्वजा फहराकर श्रद्धाजुओं ने जयघोष किया।इस अवसर पर अपने आशीष वचन में मुनि विनम्र सागर महाराज ने कहा कि धर्म प्रदर्शन के लिए नहीं, आत्म दर्शन के लिए है। जीवन में संयम अंगीकार कर ही जीवन को मोक्ष महल की ओर बढ़ाया जा सकता है।











