कच्छत्तीवु द्वीप को लेकर दिग्विजय सिंह बोले- वहां कोई रहता है क्या

कच्छत्तीवु द्वीप को लेकर दिग्विजय सिंह बोले- वहां कोई रहता है क्या
 भोपाल। अक्सर अपने बयानों के कारण विवादों में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह फिर भाजपा के निशाने पर आ गए हैं। उन्होंने बुधवार को कच्छत्तीवु द्वीप को लेकर प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया में पत्रकारों से कहा कि वहां कोई रहता है क्या? उनके इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान कच्छत्तीवु द्वीप के मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि कांग्रेस और द्रमुक ने तमिलनाडु के एक हिस्से को दूसरे देश को दिया है। भारत की संप्रभुता से हुए इस खिलवाड़ की कीमत हमारे मछुआरे चुकाते रहे हैं। हमारी सरकार लगातार हमारे मछुआरों को रिहाई और उनकी घर वापसी करा रही है। द्रमुक और कांग्रेस मछुआरों की ही नहीं, पूरे देश की गुनहगार है।

पीएम मोदी के बयान पर बुधवार को भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से पत्रकारों ने प्रतिक्रिया ली तो वह बोले- उस द्वीप पर कोई रहता है क्या? मैं पूछना चाहता हूं। वह बोले- मछुआरों की रिहाई की बात पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, बेकार की बात है।

दिग्विजय सिंह के इस बयान पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया। भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा कि दिग्विजय सिंह का यह पूछना ठीक वैसा ही है, जैसा चीन द्वारा कब्जा की गई भूमि के संबंध में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संसद में बयान दिया था। यह बहुत आपत्तिजनक बयान है। देश की भूमि इंच मात्र भी हो अगर उस पर इस प्रकार की जवाब आता है तो कांग्रेस की सोच को बताता है। इसी सोच के कारण एक लाख 21 हजार वर्ग किलोमीटर भूमि खोई है।

कंगना ने भी पोस्ट करके निंदा की

हिमालचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत ने भी दिग्विजय सिंह के बयान की निंदा की है। कंगना ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि नेहरू जी की अक्साई चीन को बंजर जमीन बताने वाली सोच आज भी कांग्रेस में जीवित है। दिग्विजय का कच्छत्तीवु द्वीप को लेकर दिया गया बयान उनकी सोच को दर्शाता है लेकिन यह नया भारत है।

यहां देश के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र ताशीगंग तक नल से जल पहुंच रहा है। हिमाचल प्रदेश के कामिक जैसे ऊंचे गांवों तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और बिजली से हर घर रोशन है। देश की भौगोलिक अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसी सोच रखने वालों को देश जवाब अवश्य देगा।

कच्छत्तीवु द्वीप को लेकर दिग्विजय सिंह के बयान संबंधी खबर का जोड़-

राघोगढ़ में खाली पड़ी संपत्ति को दान कर दें दिग्विजय: आशीष

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कच्छत्तीवु द्वीप को लेकर दिग्विजय सिंह के बयान पर कहा कि देश को तोड़ो-देश विरोधियों को जोड़ो, यही कांग्रेस के असल विचार हैं। 1974 में इंदिरा गांधी ने श्रीलंका को कच्छत्तीवु द्वीप सौंप दिया था, जिस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रश्न खड़े किए, जो आज आइएनडीआइए गंठबंधन को मिर्ची लग गई। अब कल को कोई राघोगढ़ में पड़ी खाली प्रापर्टी, ये कहकर दान कर दे कि 'उसमें कोई रहता नहीं था' तो इस बात पर भी दिग्विजय सिंह को आपत्ति नहीं होनी चाहिए?

आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा 'नेशन फर्स्ट' की बजाय 'फैमिली फर्स्ट' को प्राथमिकता दी है और दिग्विजय सिंह का बयान नेहरु-इंदिरा की मानसिकता का परिचायक है। कांग्रेस ने मानसरोवर के लिए तर्क दिया कि ठंड की वजह से वहां जीवनयापन नहीं हो सकता। कांग्रेस के कारण पीओके से हम हाथ धो बैठें। तिब्बत का हिस्सा कांग्रेस की खराब नीतियों की वजह से भारत ने खो दिया, इसलिए कांग्रेस की विभाजनकारी और टुकड़े-टुकड़े वाली मानसिकता का जल्द से जल्द सफाया जरूरी है।

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